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17 साल मनाई छुट्टियां, अब हो गई परमानेंट 'छुट्टी'
इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 25 Jun 2013 04:48 PM IST
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झारखंड में एक हैरत में डाल देने वाला मामला सामने आया था जहां डॉक्टर पांच
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दिन की छुट्टी का बोलकर 17 साल बाद ड्यूटी ज्वाइन करने लौटा था।
पांच दिन की छुट्टी लेकर 17 साल तक गायब रहनेवाले डॉक्टर को सरकार ने बरखास्त करने का फैसला किया है।
एक-दो दिनों में इससे संबंधित अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डॉक्टर अमिताभ त्रिगुणायत ने एकीकृत बिहार के समय वर्ष 1996 में पांच दिनों का आकस्मिक अवकाश लिया था।
इसके बाद वह 17 साल बाद अपने काम पर वापस लौटे थे।
इस अवधि में राज्य का विभाजन हो चुका था और उन्हें झारखंड कैडर आवंटित किया गया था। वर्ष 2013 में वह झारखंड पहुंचे। इसके बाद राज्य सरकार ने उनसे पांच दिनों की छुट्टी लेकर 17 साल तक डय़ूटी से गायब रहने के सिलसिले में जवाब-तलब किया।
सरकार की ओर से पूछे गये स्पष्टीकरण का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 1996 में उनकी माता जी का देहांत हो गया था और 2013 में उनके पिता का देहांत हुआ।
सरकार ने उनके इस जवाब को अमान्य कर दिया, क्योंकि 17 साल तक बगैर किसी सूचना के गायब रहने का यह संतोषप्रद कारण नहीं है। इसके बाद सरकार ने उन्हें बरखास्त करने का फैसला किया।
पांच दिन की छुट्टी लेकर 17 साल तक गायब रहनेवाले डॉक्टर को सरकार ने बरखास्त करने का फैसला किया है।
एक-दो दिनों में इससे संबंधित अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डॉक्टर अमिताभ त्रिगुणायत ने एकीकृत बिहार के समय वर्ष 1996 में पांच दिनों का आकस्मिक अवकाश लिया था।
इसके बाद वह 17 साल बाद अपने काम पर वापस लौटे थे।
इस अवधि में राज्य का विभाजन हो चुका था और उन्हें झारखंड कैडर आवंटित किया गया था। वर्ष 2013 में वह झारखंड पहुंचे। इसके बाद राज्य सरकार ने उनसे पांच दिनों की छुट्टी लेकर 17 साल तक डय़ूटी से गायब रहने के सिलसिले में जवाब-तलब किया।
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सरकार की ओर से पूछे गये स्पष्टीकरण का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 1996 में उनकी माता जी का देहांत हो गया था और 2013 में उनके पिता का देहांत हुआ।
सरकार ने उनके इस जवाब को अमान्य कर दिया, क्योंकि 17 साल तक बगैर किसी सूचना के गायब रहने का यह संतोषप्रद कारण नहीं है। इसके बाद सरकार ने उन्हें बरखास्त करने का फैसला किया।
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