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आखिर क्यों पेड़ पर चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं यहां के शिक्षक

Fri, 05 Oct 2018 01:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डाल्टनगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डाल्टनगंज Updated Fri, 05 Oct 2018 01:12 PM IST
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school teachers have to climb trees every morning to record their attendance regularly online
इंटरनेट के लिए पेड़ पर चढ़े अध्यापक

झारखंड के पलामू जिले से 41 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है सोहरी खास गांव। यहां हर सुबह 12वीं तक के स्कूल के 6 अध्यापकों को पलाश के पेड़ पर चढ़े हुए देखा जा सकता है। यह उनका कोई व्यायाम नहीं है बल्कि मजबूरी है। दरअसल उन्हें सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत अपनी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करवानी पड़ती है। इसके लिए उन्हें टैबलेट दी गई हैं जिनके साथ बायोमेट्रिक रीडर कनेक्ट हैं। 

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यहां परेशानी यह है कि इंटरनेट कनेक्शन ज्यादातर खराब रहता है। जिसकी वजह से दो या तीन अध्यापकों को स्कूल परिसर में खड़े पलाश के पेड़ पर चढ़कर इंटरनेट कनेक्शन का इंतजार करना पड़ता है। उन्हें ऐसा करते हुए छात्र देखते रहते हैं। स्कूल से विज्ञान विषय के अध्यापक अर्पण कुमार गुप्ता ने कहा, 'हमारे स्कूल परिसर में इंटरनेट की कोई कनेक्टिविटी नहीं है। हमें पेड़ पर चढ़कर इंटरनेट के आने का इंतजार करना पड़ता है। तब कहीं जाकर कमजोर 2जी नेटवर्क मिल पाता है।'
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इस स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापक 20 या 40 की उम्र को पार कर चुके हैं और सभी पेड़ पर नहीं चढ़ सकते हैं। खासतौर से रोजाना। बाकियों को पारंपरिक तरीके अपनाने पड़ते हैं। गुप्ता ने आगे कहा, 'जब टैबलेट इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होते हैं तो हमें रजिस्टर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी पड़ती है। कम से कम कोई तो रिकॉर्ड रहता है।' 
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केवल सोहरी खास गांव के अध्यापकों को इस परेशानी से नहीं गुजरना पड़ता है बल्कि उत्तर पश्चिमी झारखंड के बहुत से स्कूलों के अध्यापकों को राज्य सरकार की नई पहल के तहत अपनी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करानी पड़ती है। जिसमें उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि इन इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी ही मौजूद नहीं है।


साल 2017 में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने ज्ञानोदय योजना की शुरुआत की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने स्कूलों को टैबलेट बांटे थे। इन टैबलेट के अंदर पहले से ही ई-विद्या वाहिनी ऐप मौजूद है जो अध्यापकों की बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करने, छात्रों के दाखिले और स्कूल छोड़ने वाले बच्चों इत्यादि के रिकॉर्ड को मॉनिटर करता है।

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