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Jharkhand: कम बारिश के कारण किसान परेशान, सीएम सोरेन ने सूखे पर जताई चिंता

Thu, 21 Jul 2022 11:12 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: Amit Mandal Updated Thu, 21 Jul 2022 11:12 PM IST
सार

झारखंड में बारिश की कमी 51 फीसदी तक पहुंच गई है। इस अवधि के दौरान सामान्य 403.4 मिमी के मुकाबले 1 जून से 21 जुलाई के बीच 199.3 मिमी बारिश हुई।

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Scanty rainfall in Jharkhand cause for concern, farmers unable to sow seeds: CM
CM HEMANT SOREN - फोटो : social media

विस्तार

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को राज्य में सूखे की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री 401 करोड़ रुपये की 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने दुमका में थे। इस अवसर पर सोरेन ने कहा कि राज्य अभी भी कोविड-19 महामारी के प्रभाव से जूझ रहा है, अब सूखे जैसी स्थिति से गुजर रहा है। कम बारिश के कारण किसान बीज नहीं बो पा रहे हैं। मैं चिंतित हूं। मौसम विभाग की भविष्यवाणी भी उत्साहजनक नहीं है।

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झारखंड में बारिश की कमी 51 फीसदी तक पहुंच गई है। इस अवधि के दौरान सामान्य 403.4 मिमी के मुकाबले 1 जून से 21 जुलाई के बीच 199.3 मिमी बारिश हुई। राज्य के कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने अब तक धान की बुवाई के लक्ष्य का मात्र 11.76 प्रतिशत हासिल किया है। 
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सीएम ने यह भी कहा कि उनकी सरकार लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत हर पंचायत में शिविर लगाए गए और गरीब लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। सोरेन ने बताया कि झारखंड बनने के बाद से 20 साल तक सरकार की पेंशन योजना से सिर्फ 6.5 लाख लोगों को लाभ मिल रहा है। हालांकि, पिछले 2.5 वर्षों में लगभग 18 लाख लोगों को इस योजना से जोड़ा गया है।
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इस बीच राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने राज्य में धान की बुवाई की स्थिति की समीक्षा के लिए उपायुक्तों की एक आभासी बैठक की। मंत्री ने सभी डीसी को झारखंड राज्य फसल राहत योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा, जिसके तहत किसानों को प्राकृतिक आपदा के कारण क्षतिग्रस्त फसलों का बीमा मिलता है। उन्होंने किसानों को वैकल्पिक फसल उगाने की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया।
 

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