{"_id":"6ab88ab987612b57840e5212","slug":"torrential-rains-cause-havoc-along-the-ghaghara-several-houses-collapse-and-household-belongings-are-destroyed-ranchi-news-c-1-1-noi1475-4770323-2026-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"झारखंड के गुमला में बारिश से कई गांवों में तबाही: मकान धराशायी, मलबे में दबा घरेलू सामान; कई परिवार बेघर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झारखंड के गुमला में बारिश से कई गांवों में तबाही: मकान धराशायी, मलबे में दबा घरेलू सामान; कई परिवार बेघर
Sun, 27 Sep 2026 09:26 AM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 09:26 AM IST
सार
गुमला जिले के घाघरा प्रखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और जलजमाव से कई गांव प्रभावित हुए हैं। कई कच्चे और एस्बेस्टस छत वाले मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि कुछ पूरी तरह धराशायी हो गए। मलबे में अनाज और घरेलू सामान दबकर बर्बाद हुआ है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से राहत सामग्री, मुआवजा और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
मूसलाधार बारिश से ध्वस्त हुआ घर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
गुमला जिले के घाघरा प्रखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई गांवों में भारी तबाही मचाई है। बारिश और जलजमाव के कारण कई कच्चे और एस्बेस्टस की छत वाले मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कुछ मकान पूरी तरह धराशायी हो गए। मकानों के क्षतिग्रस्त होने से घरों में रखा अनाज, घरेलू सामान और अन्य जरूरी सामग्री भी मलबे में दबकर बर्बाद हो गई। कई परिवारों के सामने अब रहने की समस्या उत्पन्न हो गई है।
गोया गांव में दीवार गिरने से मकान क्षतिग्रस्त, मलबे में दबे परिवार के सदस्य
गोया गांव में रफीक खान के मकान की दीवार अचानक गिर गई। इसकी चपेट में आने से जियाउल खान के मकान की दीवार और एस्बेस्टस की छत क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के दौरान परिवार के सदस्य मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और सभी को मलबे से बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, गुमला भेजा गया।
कई गांवों में मकान और घरेलू सामान को नुकसान
सरांगो नवाटोली में शंकर उरांव के मकान की दीवार गिरने से छत को नुकसान पहुंचा। वहीं, मलगो गांव में लक्ष्मण राम के घर की दीवार ढह गई। मलबे में करीब 10 बोरी चावल और गेहूं, लहसुन, प्याज सहित दो साइकिलें दबकर नष्ट हो गईं। घाघरा छठ मोहल्ले में ललिता देवी के मकान का छप्पर और एस्बेस्टस भी टूट गया।
विज्ञापन
जलजमाव से सलगी गांव में मकान पूरी तरह धराशायी
सलगी गांव में जलजमाव के कारण जगमोहन लोहरा का मकान पूरी तरह धराशायी हो गया। परिजनों का आरोप है कि सड़क किनारे बने छोटे पुल से बारिश का पानी घर में घुसने के कारण यह स्थिति बनी।
ये भी पढ़ें- झारखंड में 100 सीएचसी होंगे अपग्रेड: 600 डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मियों की होगी नियुक्ति, मजबूत होगी इलाज व्यवस्था
पीड़ितों ने प्रशासन से राहत और मुआवजे की मांग की
लगातार बारिश से प्रभावित परिवारों के सामने रहने और जरूरी सामान बचाने का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर तत्काल राहत सामग्री, मुआवजा और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
गोया गांव में दीवार गिरने से मकान क्षतिग्रस्त, मलबे में दबे परिवार के सदस्य
गोया गांव में रफीक खान के मकान की दीवार अचानक गिर गई। इसकी चपेट में आने से जियाउल खान के मकान की दीवार और एस्बेस्टस की छत क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के दौरान परिवार के सदस्य मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और सभी को मलबे से बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, गुमला भेजा गया।
विज्ञापन
कई गांवों में मकान और घरेलू सामान को नुकसान
सरांगो नवाटोली में शंकर उरांव के मकान की दीवार गिरने से छत को नुकसान पहुंचा। वहीं, मलगो गांव में लक्ष्मण राम के घर की दीवार ढह गई। मलबे में करीब 10 बोरी चावल और गेहूं, लहसुन, प्याज सहित दो साइकिलें दबकर नष्ट हो गईं। घाघरा छठ मोहल्ले में ललिता देवी के मकान का छप्पर और एस्बेस्टस भी टूट गया।
विज्ञापन
जलजमाव से सलगी गांव में मकान पूरी तरह धराशायी
सलगी गांव में जलजमाव के कारण जगमोहन लोहरा का मकान पूरी तरह धराशायी हो गया। परिजनों का आरोप है कि सड़क किनारे बने छोटे पुल से बारिश का पानी घर में घुसने के कारण यह स्थिति बनी।
ये भी पढ़ें- झारखंड में 100 सीएचसी होंगे अपग्रेड: 600 डॉक्टर-स्वास्थ्यकर्मियों की होगी नियुक्ति, मजबूत होगी इलाज व्यवस्था
पीड़ितों ने प्रशासन से राहत और मुआवजे की मांग की
लगातार बारिश से प्रभावित परिवारों के सामने रहने और जरूरी सामान बचाने का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर तत्काल राहत सामग्री, मुआवजा और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।