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तमिलनाडु गैस रिसाव हादसा: 42 झारखंडी श्रमिक सुरक्षित घर लौटेंगे, सीएम सोरेन के निर्देश पर होगी सुरक्षित वापसी
Wed, 01 Jul 2026 11:21 AM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:21 AM IST
सार
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में अमोनिया गैस रिसाव के बाद झारखंड सरकार ने 42 प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। हादसे में धनबाद की प्रीति देवी की मौत हो गई। उनका पार्थिव शरीर रांची लाया जाएगा, जबकि परिजनों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया जारी है।
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सीएम हेमंत सोरेन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित सेंट पीटर्स एंड पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स फैक्ट्री में 21 जून 2026 को अमोनिया गैस रिसाव का हादसा हुआ था। इस घटना में झारखंड के कई प्रवासी श्रमिक प्रभावित हुए। मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को सभी प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने तुरंत मोर्चा संभाला। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिला प्रशासन, श्रम विभाग, रेलवे, दक्षिण रेलवे और अस्पताल प्रशासन के साथ लगातार समन्वय कर राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
हादसे में प्रभावित झारखंड के 42 प्रवासी श्रमिकों ने अपने घर लौटने की इच्छा जताई। इसके बाद झारखंड सरकार के अनुरोध पर रेलवे ने अलप्पुझा-धनबाद एक्सप्रेस में उनके लिए एक विशेष स्लीपर कोच उपलब्ध कराया। मंगलवार को सभी 42 श्रमिक चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से सुरक्षित झारखंड के लिए रवाना हो गए। यात्रा के दौरान उनके भोजन, पानी और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई।
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इस हादसे में धनबाद की रहने वाली श्रमिक प्रीति देवी की इलाज के दौरान चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी अस्पताल में मौत हो गई। झारखंड सरकार ने उनके परिजनों के तमिलनाडु पहुंचने, शव की पहचान, पोस्टमार्टम और अन्य जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी कराईं। तमिलनाडु सरकार के सहयोग से उनका पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से मंगलवार शाम रांची लाया जाएगा। वहां से एंबुलेंस के जरिए पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जिला धनबाद भेजा जाएगा।
राज्य सरकार ने कहा है कि वह इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। श्रम विभाग और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष नियोक्ता और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं, ताकि मृतका के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा और अन्य सभी वैधानिक लाभ जल्द से जल्द दिलाए जा सकें।
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मुख्यमंत्री के आदेश के बाद श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने तुरंत मोर्चा संभाला। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिला प्रशासन, श्रम विभाग, रेलवे, दक्षिण रेलवे और अस्पताल प्रशासन के साथ लगातार समन्वय कर राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
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हादसे में प्रभावित झारखंड के 42 प्रवासी श्रमिकों ने अपने घर लौटने की इच्छा जताई। इसके बाद झारखंड सरकार के अनुरोध पर रेलवे ने अलप्पुझा-धनबाद एक्सप्रेस में उनके लिए एक विशेष स्लीपर कोच उपलब्ध कराया। मंगलवार को सभी 42 श्रमिक चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से सुरक्षित झारखंड के लिए रवाना हो गए। यात्रा के दौरान उनके भोजन, पानी और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई।
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इस हादसे में धनबाद की रहने वाली श्रमिक प्रीति देवी की इलाज के दौरान चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी अस्पताल में मौत हो गई। झारखंड सरकार ने उनके परिजनों के तमिलनाडु पहुंचने, शव की पहचान, पोस्टमार्टम और अन्य जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी कराईं। तमिलनाडु सरकार के सहयोग से उनका पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से मंगलवार शाम रांची लाया जाएगा। वहां से एंबुलेंस के जरिए पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जिला धनबाद भेजा जाएगा।
राज्य सरकार ने कहा है कि वह इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। श्रम विभाग और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष नियोक्ता और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं, ताकि मृतका के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा और अन्य सभी वैधानिक लाभ जल्द से जल्द दिलाए जा सकें।