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Naxal News : देश से नक्सलवाद खत्म होने की घोषणा के तीन दिन बाद इनामी नक्सली का समर्पण; लोहरा ने क्या बोला?

Thu, 02 Apr 2026 02:25 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Thu, 02 Apr 2026 02:25 PM IST
सार

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। पांच लाख रुपये के इनामी जेजेएमपी के सब-जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा ने सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर हथियार डाल दिए।

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Sub-zonal commander carrying a reward of Rs 5 lakh surrenders, 8 criminal cases registered
पुलिस के सामने आत्म समर्पण करते पांच लाख का इनामी नक्सली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रांची से बड़ी खबर सामने आई है, जहां झारखंड में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। पांच लाख रुपये के इनामी जेजेएमपी संगठन के सब-जोनल कमांडर सुरेंद्र लोहरा ने सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर हथियार डाल दिए।
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बड़े अधिकारियों के सामने किया आत्मसमर्पण

सुरेंद्र लोहरा ने पलामू प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कमांडेंट यादराम बुनकर के सामने पुलिस सभागार में आत्मसमर्पण किया। पुलिस महानिरीक्षक ने प्रेस वार्ता में बताया कि सुरेंद्र लोहरा के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह करीब 20 साल से उग्रवादी गतिविधियों में शामिल था।
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जमीन विवाद से जुड़ा था नक्सली संगठन से

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2005 में जमीन विवाद के कारण वह भाकपा माओवादी संगठन से जुड़ गया था और धीरे-धीरे नक्सली गतिविधियों में सक्रिय हो गया। बताया गया कि वर्ष 2011 में उसे गिरफ्तार किया गया था और इसके बाद उसे जेल भेजा गया। करीब 10 साल जेल में रहने के बाद वह 2021 में रिहा हुआ। रिहा होने के बाद वर्ष 2023 में पप्पू लोहार के कहने पर उसने जेजेएमपी संगठन ज्वाइन कर लिया और फिर से सक्रिय हो गया।
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आत्मसमर्पण नीति का असर

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उग्रवादियों का मुख्यधारा में लौटना एक अच्छा संकेत है। इस मौके पर निरीक्षक प्रमोद कुमार सिन्हा समेत कई पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
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