रांची: पटना जा रहे जनसुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर की मौत, ट्रेन से धक्का देकर हत्या की आशंका; जानें
जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता की ट्रेन यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस उनके दो साथियों से पूछताछ कर रही है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता की ट्रेन यात्रा के दौरान हुई संदिग्ध मौत के मामले में अनगड़ा थाने की पुलिस उनके दो साथियों से पूछताछ कर रही है। बिहार के बेगूसराय निवासी निशांत और मधुपुर निवासी गौतम कुमार सोमवार को जनशताब्दी एक्सप्रेस से उनके साथ रांची से पटना वापस लौट रहे थे। रिम्स में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया। मृतक के परिजनों ने ट्रेन से धक्का देकर हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की है।
पहेली बनी संदिग्ध मौत
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी 31 वर्षीय देवपालिक गुप्ता 26 अक्तूबर को अपने दो साथियों के साथ रांची आए थे। सोमवार को तीनों जनशताब्दी एक्सप्रेस से पटना के लिए रवाना हुए। अनगड़ा के समीप पहुंचने पर देवपालिक पेंट्री कार से भोजन लेने की बात कहकर दूसरी बोगी की तरफ गए थे। काफी देर तक उनके वापस न लौटने पर साथियों ने बोगियों में उनकी तलाश शुरू की। ट्रेन के बोकारो पहुंचने पर सुरक्षा कर्मियों को घटना की सूचना दी गई। इसके बाद मुरी स्टेशन और रेल मदद पोर्टल पर भी सूचना दर्ज कराई गई। जीआरपी और आरपीएफ ने रेलवे लाइन के आसपास विशेष इंजन से लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तलाशी अभियान चलाया। रात में अनगड़ा प्रखंड के जरवाडीह के पास झाड़ियों में देवपालिक का शव बरामद हुआ।
स्वजनों ने उठाए गंभीर सवाल
पोस्टमार्टम के दौरान देवपालिक के बड़े भाई जगजीतम कुमार गुप्ता ने घटना को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शव रेलवे पटरी से लगभग 10 से 15 फीट दूर मुंह के बल पड़ा मिला और उनके चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे। उन्होंने पुलिस से प्रश्न किया कि साथ यात्रा कर रहे दोस्तों ने तत्काल खोजबीन करने के बजाय बोकारो पहुंचने पर ही सूचना क्यों दी। उन्होंने यह भी पूछा कि चलती ट्रेन से गिरने पर क्या किसी अन्य यात्री ने घटना को नहीं देखा। पुलिस ने विसरा जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। दोपहर में शव स्वजनों को सौंप दिया गया और वे निजी एंबुलेंस से पैतृक गांव रवाना हो गए।
इंजीनियरिंग छोड़ चुनी पत्रकारिता
देवपालिक ने बीटेक की पढ़ाई छोड़कर पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा था। उन्होंने नई दिल्ली स्थित भारतीय जन संचार संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह जन सुराज पार्टी से जुड़कर डिजिटल मीडिया मैनेजर के रूप में काम कर रहे थे। अविवाहित देवपालिक की शादी की तैयारी भी परिवार में चल रही थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।