{"_id":"6ae32b9ad32fee9ee409d965","slug":"sikidiri-hydel-project-irregularities-jharkhand-high-court-jseb-former-chairman-petition-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"रांची: हाइडल प्रोजेक्ट में करोड़ों की कथित गड़बड़ी, जेएसईबी के पूर्व अध्यक्ष की याचिका पर फैसला सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रांची: हाइडल प्रोजेक्ट में करोड़ों की कथित गड़बड़ी, जेएसईबी के पूर्व अध्यक्ष की याचिका पर फैसला सुरक्षित
Thu, 29 Oct 2026 05:39 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Thu, 29 Oct 2026 05:39 PM IST
सार
झारखंड हाईकोर्ट ने सिकिदरी हाइडल प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये की कथित अनियमितता के मामले में जेएसईबी के तत्कालीन अध्यक्ष शिवेंद्र नाथ वर्मा की याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
विज्ञापन
झारखंड उच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
विस्तार
झारखंड उच्च न्यायालय में सिकिदरी हाइडल प्रोजेक्ट यानी स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना में हुए करोड़ों रुपये के कथित अनियमितता मामले में झारखंड राज्य बिजली बोर्ड (जेएसईबी) के तत्कालीन अध्यक्ष शिवेंद्र नाथ वर्मा की याचिका पर सुनवाई हुई।
अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। जेएसईबी के पूर्व अध्यक्ष शिवेंद्र नाथ वर्मा ने सीबीआई की विशेष कोर्ट द्वारा डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है।
आपराधिक साजिश का आरोप
यह मामला स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना, सिकिदरी, रांची का है। यहां 65-65 मेगावाट के दो पावर हाउस 1977 और 1980 में भेल (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) ने लगाए थे। सीबीआई के अनुसार, वर्ष 2011-12 में जेएसईबी के अधिकारियों ने भेल और एनपीईएल के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- चक्रवात अर्नब का कहर: ओडिशा के गंजाम में 300 गांव बाढ़ में घिरे, कई ट्रेनें रद्द; एमपी में भारी बारिश का अलर्ट
जिस मरम्मत कार्य का अनुमानित बजट महज 2.5 करोड़ रुपये था, उसे नियम ताक पर रखकर 20.87 करोड़ रुपये में भेल को आवंटित कर दिया गया। शिवेंद्र नाथ वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने इस वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी थी।
विज्ञापन
अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। जेएसईबी के पूर्व अध्यक्ष शिवेंद्र नाथ वर्मा ने सीबीआई की विशेष कोर्ट द्वारा डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है।
विज्ञापन
आपराधिक साजिश का आरोप
यह मामला स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना, सिकिदरी, रांची का है। यहां 65-65 मेगावाट के दो पावर हाउस 1977 और 1980 में भेल (भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड) ने लगाए थे। सीबीआई के अनुसार, वर्ष 2011-12 में जेएसईबी के अधिकारियों ने भेल और एनपीईएल के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- चक्रवात अर्नब का कहर: ओडिशा के गंजाम में 300 गांव बाढ़ में घिरे, कई ट्रेनें रद्द; एमपी में भारी बारिश का अलर्ट
जिस मरम्मत कार्य का अनुमानित बजट महज 2.5 करोड़ रुपये था, उसे नियम ताक पर रखकर 20.87 करोड़ रुपये में भेल को आवंटित कर दिया गया। शिवेंद्र नाथ वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने इस वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी थी।