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Ranchi: वर्ल्ड क्लास टूरिज्म का सपना, लेकिन गांव में पानी नहीं! नेतरहाट की तलहटी में 12 दिन से प्यासे ग्रामीण

Sat, 30 May 2026 09:40 AM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Sat, 30 May 2026 09:40 AM IST
सार

Ranchi: झारखंड के लातेहार जिले के नैना गांव में एकमात्र सरकारी कुआं धंस जाने के कारण पिछले 12 दिनों से करीब 300 ग्रामीण गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। महिलाएं और बच्चे दो किलोमीटर दूर नदी से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन केवल निरीक्षण कर रहा है, जबकि अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिली है।  

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Naina located at foothills of Netarhat is thirsty villagers craving for every drop of water for last 12 days
लातेहार के नैना गांव के ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट, जहां एक ओर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे मौसम के लिए देशभर में पहचान बना रहा है, वहीं उसकी तलहटी में बसे नैना गांव के लोग पिछले 12 दिनों से बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लातेहार जिले के इस आदिवासी बहुल गांव में करीब 300 की आबादी निवास करती है। गांव का एकमात्र सरकारी कुआं धंस जाने के बाद यहां 60 परिवारों के सामने गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है।

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12 दिनों से पेयजल संकट, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का आरोप है कि जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक राहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला है। गांव में न तो पानी का टैंकर भेजा गया और न ही वैकल्पिक जलापूर्ति की कोई ठोस व्यवस्था की गई। भीषण गर्मी के बीच महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे सुबह चार बजे उठकर करीब दो किलोमीटर दूर नदी से पानी ढोने को मजबूर हैं।
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अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप
ग्रामीण नरेश महतो, उमेश महतो और सोनू महतो ने बताया कि पिछले कई दिनों से अधिकारी गांव पहुंचकर केवल निरीक्षण कर रहे हैं। वे फोटो खींचते हैं, समस्या सुनते हैं और जल्द समाधान का भरोसा देकर लौट जाते हैं। गांव की मनीता देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पानी के बिना गांव का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है, लेकिन प्रशासन की संवेदनहीनता लगातार बनी हुई है।
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'तैयार किया जा रहा है बोरिंग का एस्टीमेट'
इस मामले में पीएचईडी एवं स्वच्छता विभाग, लातेहार के कार्यपालक अभियंता दीपक कुमार महतो ने कहा कि विभाग के संज्ञान में मामला है और अस्थायी समाधान के लिए बोरिंग का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।


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‘हर घर जल’ के दावों पर उठे सवाल
विडंबना यह है कि राज्य सरकार नेतरहाट को वर्ल्ड क्लास टूरिज्म स्पॉट बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन उसी क्षेत्र के ग्रामीण आज भी अपनी बुनियादी जरूरत पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नैना गांव की स्थिति सरकार के “हर घर जल” अभियान के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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