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झारखंड: चार नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाया, एक तो 11 साल से थी लापता
Tue, 20 Oct 2026 01:41 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Tue, 20 Oct 2026 01:41 PM IST
सार
खूंटी पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ अभियान चलाकर चार नाबालिग लड़कियों को दिल्ली और जयपुर से सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें जयपुर से मिली एक लड़की करीब 11 साल से लापता थी। पुलिस प्लेसमेंट एजेंसियों और कथित तस्करी नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है। बच्चियों की काउंसिलिंग के बाद बाल कल्याण समिति के माध्यम से उन्हें परिजनों से मिलाया जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मानव तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान के तहत खूंटी पुलिस ने चार नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इन रेस्क्यू की गई बच्चियों में से तीन नाबालिगों को दिल्ली से और एक लड़की को जयपुर से बरामद किया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि जयपुर से छुड़ाई गई लड़की करीब 11 साल से लापता चल रही थी, जबकि दिल्ली से छुड़ाई गई तीनों बच्चियां पिछले लगभग एक साल से गायब थीं।
प्लेसमेंट एजेंसियों का काला कारोबार
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ये सभी नाबालिग लड़कियां मानव तस्करों के बुने जाल में फंस गई थीं। तस्करों ने इन मासूमों को बहला-फुसलाकर अथवा अगवा करके दिल्ली तथा जयपुर पहुंचा दिया था। वहां सक्रिय प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से इन बच्चियों को अलग-अलग घरों में घरेलू काम करने वाली नौकरानी के रूप में झोंक दिया गया था। अपने परिजनों से लंबे समय तक दूर रही इन मासूम बच्चियों का तस्करों द्वारा मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा था।
खुफिया तंत्र और छापेमारी से सफलता
दिल्ली से छुड़ाई गई तीनों लड़कियां बीते करीब एक साल से अपने-अपने घरों से गायब थीं। परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और पुलिस के तकनीकी व मानवीय खुफिया तंत्र के आधार पर खूंटी पुलिस ने दिल्ली में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं सबसे संवेदनशील मामला जयपुर का रहा, जहां से रेस्क्यू की गई लड़की लगभग 11 साल से लापता थी। इतने लंबे समय के बाद इस लड़की को खोज निकालना खूंटी पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में खूंटी पुलिस ने सक्रिय मानव तस्कर गिरोहों और उनके साथ जुड़ी प्लेसमेंट एजेंसियों की संलिप्तता की गहन जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने कहा कि इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द ही बेनकाब किया जाएगा और उन्हें कानून के शिकंजे में कसा जाएगा। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है।
परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया जारी
वर्तमान में रेस्क्यू चारों नाबालिग लड़कियों को पूरी सुरक्षा के घेरे में खूंटी लाया जा रहा है। जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद उनकी विधिवत काउंसिलिंग की जाएगी। इसके उपरांत बाल कल्याण समिति के माध्यम से सभी बच्चियों को उनके परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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प्लेसमेंट एजेंसियों का काला कारोबार
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ये सभी नाबालिग लड़कियां मानव तस्करों के बुने जाल में फंस गई थीं। तस्करों ने इन मासूमों को बहला-फुसलाकर अथवा अगवा करके दिल्ली तथा जयपुर पहुंचा दिया था। वहां सक्रिय प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से इन बच्चियों को अलग-अलग घरों में घरेलू काम करने वाली नौकरानी के रूप में झोंक दिया गया था। अपने परिजनों से लंबे समय तक दूर रही इन मासूम बच्चियों का तस्करों द्वारा मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा था।
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खुफिया तंत्र और छापेमारी से सफलता
दिल्ली से छुड़ाई गई तीनों लड़कियां बीते करीब एक साल से अपने-अपने घरों से गायब थीं। परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और पुलिस के तकनीकी व मानवीय खुफिया तंत्र के आधार पर खूंटी पुलिस ने दिल्ली में छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं सबसे संवेदनशील मामला जयपुर का रहा, जहां से रेस्क्यू की गई लड़की लगभग 11 साल से लापता थी। इतने लंबे समय के बाद इस लड़की को खोज निकालना खूंटी पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण में खूंटी पुलिस ने सक्रिय मानव तस्कर गिरोहों और उनके साथ जुड़ी प्लेसमेंट एजेंसियों की संलिप्तता की गहन जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने कहा कि इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द ही बेनकाब किया जाएगा और उन्हें कानून के शिकंजे में कसा जाएगा। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है।
परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया जारी
वर्तमान में रेस्क्यू चारों नाबालिग लड़कियों को पूरी सुरक्षा के घेरे में खूंटी लाया जा रहा है। जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद उनकी विधिवत काउंसिलिंग की जाएगी। इसके उपरांत बाल कल्याण समिति के माध्यम से सभी बच्चियों को उनके परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।