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झारखंड: मासूम की जिंदगी बचाने के लिए जमशेदपुर पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर, 15 मिनट में एंबुलेंस को निकाला
Fri, 30 Oct 2026 07:04 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Fri, 30 Oct 2026 07:04 PM IST
सार
जमशेदपुर पुलिस ने पांच वर्षीय घायल मासूम सात्विक माझी को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया। भारी यातायात के बीच पुलिस ने टीएमएच से रवाना हुई एंबुलेंस को महज 15 मिनट में शहर की सीमा से सुरक्षित पार कराया।
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एआई तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जमशेदपुर पुलिस ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए पांच वर्षीय घायल मासूम सात्विक माझी का जीवन बचाने के लिए शहर में ग्रीन कॉरिडोर बनाया। पुलिस बल ने भारी यातायात दबाव के बावजूद टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) से कोलकाता के लिए रेफर की गई एंबुलेंस को महज 15 मिनट में शहर की सीमा बालीगुमा एलिवेटेड कॉरिडोर के आगे निर्बाध गति से सुरक्षित पार करा दिया।
सड़क हादसे में बिगड़ी थी सात्विक की हालत
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला अंतर्गत आड़सा पंचायत समिति के अध्यक्ष विश्वरूप माझी बीते 19 अक्तूबर की रात अपने परिवार के साथ दुर्गापूजा घूमकर कार से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान हेंसला मोड़ के पास कार दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई थी। इस भीषण सड़क हादसे में विश्वरूप माझी की जान चली गई थी, जबकि उनकी पत्नी, बेटी और पांच साल का बेटा सात्विक माझी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा के लिए जमशेदपुर स्थित टीएमएच में दाखिल कराया गया था। अस्पताल में इलाज के बाद मां और बेटी की सेहत में तो सुधार हो गया, परंतु मासूम सात्विक की हालत गंभीर बनी रही। स्थिति को नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे तत्काल बेहतर इलाज हेतु कोलकाता रेफर कर दिया।
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अधिकारियों की पहल पर बना कॉरिडोर
घायल बालक पुरुलिया में तैनात एक डीएसपी का रिश्तेदार है। सात्विक की बिगड़ती तबीयत को देखकर पुरुलिया डीएसपी ने जमशेदपुर के एसएसपी डॉ एहतेशाम वकारिब से संपर्क साधकर सुरक्षित यातायात का प्रबंध करने का अनुरोध किया। एसएसपी के निर्देश पर ट्रैफिक डीएसपी श्रीनिरज ने तुरंत कमान संभाली। उनके नेतृत्व में बिष्टुपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी राकेश कुमार, साकची थाना प्रभारी नित्यानंद कुमार और मानगो थाना प्रभारी हरिओंद करमाली अपनी पूरी टीम के साथ मार्ग पर तैनात हो गए।
ये भी पढ़ें- बिहार: 'पार्टी के लिए खाता खोलना भी मुश्किल होगा', अनंत सिंह के बयान से सियासत में हलचल; अब आगे क्या होगा?
15 मिनट में शहर से बाहर निकली एंबुलेंस
सुबह 11:50 बजे टीएमएच से एंबुलेंस) कोलकाता के लिए रवाना हुई। एंबुलेंस में चालक रोहित कर तथा पैरामेडिकल स्टाफ अरूप कुमार बजानी लाइफ सपोर्ट प्रणाली के साथ मुस्तैद थे। उस समय मानगो क्षेत्र में नो-इंट्री खुलने के कारण सड़क पर भारी गाड़ियों की आवाजाही थी और यातायात का अत्यधिक दबाव था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने विभिन्न चौराहों पर मुस्तैदी से सामान्य ट्रैफिक रोककर एंबुलेंस के लिए रास्ता पूरी तरह खाली रखा। महज 15 मिनट में दोपहर 12:05 बजे एंबुलेंस बालीगुमा पार कर गई। आगे हाईवे पेट्रोलिंग ने एंबुलेंस का रास्ता सुगम बनाया, जबकि घाटशिला और बहरागोड़ा पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया था।
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सड़क हादसे में बिगड़ी थी सात्विक की हालत
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला अंतर्गत आड़सा पंचायत समिति के अध्यक्ष विश्वरूप माझी बीते 19 अक्तूबर की रात अपने परिवार के साथ दुर्गापूजा घूमकर कार से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान हेंसला मोड़ के पास कार दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई थी। इस भीषण सड़क हादसे में विश्वरूप माझी की जान चली गई थी, जबकि उनकी पत्नी, बेटी और पांच साल का बेटा सात्विक माझी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा के लिए जमशेदपुर स्थित टीएमएच में दाखिल कराया गया था। अस्पताल में इलाज के बाद मां और बेटी की सेहत में तो सुधार हो गया, परंतु मासूम सात्विक की हालत गंभीर बनी रही। स्थिति को नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे तत्काल बेहतर इलाज हेतु कोलकाता रेफर कर दिया।
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अधिकारियों की पहल पर बना कॉरिडोर
घायल बालक पुरुलिया में तैनात एक डीएसपी का रिश्तेदार है। सात्विक की बिगड़ती तबीयत को देखकर पुरुलिया डीएसपी ने जमशेदपुर के एसएसपी डॉ एहतेशाम वकारिब से संपर्क साधकर सुरक्षित यातायात का प्रबंध करने का अनुरोध किया। एसएसपी के निर्देश पर ट्रैफिक डीएसपी श्रीनिरज ने तुरंत कमान संभाली। उनके नेतृत्व में बिष्टुपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी राकेश कुमार, साकची थाना प्रभारी नित्यानंद कुमार और मानगो थाना प्रभारी हरिओंद करमाली अपनी पूरी टीम के साथ मार्ग पर तैनात हो गए।
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15 मिनट में शहर से बाहर निकली एंबुलेंस
सुबह 11:50 बजे टीएमएच से एंबुलेंस) कोलकाता के लिए रवाना हुई। एंबुलेंस में चालक रोहित कर तथा पैरामेडिकल स्टाफ अरूप कुमार बजानी लाइफ सपोर्ट प्रणाली के साथ मुस्तैद थे। उस समय मानगो क्षेत्र में नो-इंट्री खुलने के कारण सड़क पर भारी गाड़ियों की आवाजाही थी और यातायात का अत्यधिक दबाव था। इसके बावजूद पुलिस टीम ने विभिन्न चौराहों पर मुस्तैदी से सामान्य ट्रैफिक रोककर एंबुलेंस के लिए रास्ता पूरी तरह खाली रखा। महज 15 मिनट में दोपहर 12:05 बजे एंबुलेंस बालीगुमा पार कर गई। आगे हाईवे पेट्रोलिंग ने एंबुलेंस का रास्ता सुगम बनाया, जबकि घाटशिला और बहरागोड़ा पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया था।