Jharkhand: पूर्व CM मनोहरलाल खट्टर का कांग्रेस पर हमला, मनरेगा को लेकर जनता में भ्रम फैलाने का लगाया आरोप
Ranchi News: रांची में आयोजित कार्यशाला में पूर्व सीएम मनोहरलाल खट्टर ने कांग्रेस पर मनरेगा को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 को ग्रामीण रोजगार और सतत विकास से जोड़ते हुए इसकी प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी।
विस्तार
रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जी राम जी) को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री तथा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर उपस्थित रहे।
भ्रम दूर करने पर रहा कार्यशाला का फोकस
कार्यशाला का उद्देश्य कांग्रेस और विपक्ष द्वारा अधिनियम को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना और इसकी विशेषताओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना बताया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से गठित समितियों के सदस्य और वक्ता शामिल हुए।
वीबीजी राम जी अधिनियम को बताया सतत विकास का माध्यम
मुख्य अतिथि मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 ग्रामीण रोजगार को सतत विकास का साधन बनाने वाला कानून है, जो ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि मनरेगा मांग आधारित प्रणाली पर निर्भर रहा, जिससे कई बार अनावश्यक योजनाएं बनीं और सरकारी धन व श्रम की बर्बादी हुई।
ग्राम पंचायत से राज्य स्तर तक योजना निर्माण
खट्टर ने बताया कि नए अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाएं तैयार होंगी, जिन्हें ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर समेकित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वार्षिक रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। मजदूरी के शीघ्र भुगतान और रोजगार न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है।
चार श्रेणियों में बांटी गई योजनाएं
उन्होंने जानकारी दी कि योजनाओं को जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका और जलवायु अनुकूल विकास जैसी चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है, ताकि गांवों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कार्य किए जा सकें।
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मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा में पहले से अधिक राशि खर्च की और महिलाओं की भागीदारी 56 प्रतिशत से अधिक रही, लेकिन डिजिटल निगरानी के अभाव में भ्रष्टाचार जारी रहा। नए अधिनियम में एआई आधारित निगरानी, जीपीएस ट्रैकिंग, सार्वजनिक प्रकटीकरण और केंद्र-राज्य संचालन समितियों का प्रावधान किया गया है। राज्यों की भागीदारी 60:40 कर जिम्मेदारी भी बढ़ाई गई है।
बाबूलाल मरांडी क्या बोले?
प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गांधी के आदर्शों पर चलकर ही रामराज्य संभव है और मोदी सरकार उसी दिशा में कार्य कर रही है। सांसद आदित्य साहू ने कार्यकर्ताओं से अधिनियम की जानकारी जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि 15, 16 और 17 जनवरी को सभी जिलों में कार्यशालाएं आयोजित होंगी।
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