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ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कैरेक्टर सर्टिफिकेट में हो सकती है परेशानी, रांची पुलिस का नया प्लान
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:52 PM IST
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रांची के अलबर्ट एक्का चौक पर पुलिस ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले को पकड़ते हुए (फाइल फोटो)
- फोटो : हरदीप सिंह
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अगर आप झारखंड की राजधानी में गाड़ी चला रहे हैं और यातायात नियम के पालन में अगर चूक हुई तो पुलिस आपको बख्शने के मूड में नहीं है। सड़क पर गाड़ी चलाते समय सावधान हो जाइए क्योंकि ट्रैफिक नियम तोड़ने पर आपका चरित्र प्रमाण पत्र खराब हो सकता है।
झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास राजधानी में यातायात समस्या को सुधारने को लेकर गंभीर दिख रहे हैं। रांची में ट्रैफिक में तीन बार फंस जाने के बाद मुख्यमंत्री ने इसी हफ्ते मंत्रालय में अधिकारियों के संग बैठक कर यातायात को सुचारू करने के लिए ठोस नीति बनाने के निर्देश दिए थे।
अब पुलिस प्रशासन उसे अमल में लाने के लिए मुस्तैद हो गई है। शहर की यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए रांची एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने बारे में कई फैसले लिए हैं और नीति बनाई है। पुलिस चेकिंग के दौरान ट्रैफिक नियमों को तोड़नेवालों की पूरी जानकारी लेकर एक सूची बनाई जाएगी। नियम तोड़नेवालों की जानकारी खुद एसएसपी जमा करेंगे। ये जानकारी सभी थानों में भेजी जाएगी।
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एसएसपी ने बताया कि शहर में देर रात चली चेकिंग के दौरान1,069 लोगों को ट्रैफिक नियम तोड़ने का दोषी पाया गया। उन्होंने कहा कि इन लोगों को पुलिस नोटिस भेजेगी। पहली बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को भेजी नोटिस में लिखा होगा, 'यह आपकी पहली गलती थी इस वजह से आपसे न जुर्माना नहीं लिया जा रहा है और न ही कोई कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लेकिन अगर बार पकड़े जाने पर मामला कोर्ट में भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि किसी भी सरकारी नौकरी के लिए कैरेक्टर सर्टिफिकेट (चरित्र प्रमाण पत्र) की जरूरत पड़ती है। चरित्र प्रमाण पत्र बनाने का मामला थाने जाता है। तब पुलिस संबंधित शख्स के बारे में पूरी जांच पड़ताल करती है। तब पुलिस तय करती है कि अमुक व्यक्ति का चरित्र कैसा रहा है और तभी पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र जारी करती है।
रांची एसएसपी के प्लान के तहत अब थानों में चरित्र प्रमाण पत्र के लिए किए जाने वाले सत्यापन में इस बिंदु को भी शामिल किया जाएगा कि अमुक व्यक्ति ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के आरोप में पहले कभी पकड़ा गया है या नहीं। इसका सत्यापन पुलिस थानों में पहले से मौजूद सूची से किया जा सकेगा।
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झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास राजधानी में यातायात समस्या को सुधारने को लेकर गंभीर दिख रहे हैं। रांची में ट्रैफिक में तीन बार फंस जाने के बाद मुख्यमंत्री ने इसी हफ्ते मंत्रालय में अधिकारियों के संग बैठक कर यातायात को सुचारू करने के लिए ठोस नीति बनाने के निर्देश दिए थे।
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अब पुलिस प्रशासन उसे अमल में लाने के लिए मुस्तैद हो गई है। शहर की यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए रांची एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने बारे में कई फैसले लिए हैं और नीति बनाई है। पुलिस चेकिंग के दौरान ट्रैफिक नियमों को तोड़नेवालों की पूरी जानकारी लेकर एक सूची बनाई जाएगी। नियम तोड़नेवालों की जानकारी खुद एसएसपी जमा करेंगे। ये जानकारी सभी थानों में भेजी जाएगी।
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एसएसपी ने बताया कि शहर में देर रात चली चेकिंग के दौरान1,069 लोगों को ट्रैफिक नियम तोड़ने का दोषी पाया गया। उन्होंने कहा कि इन लोगों को पुलिस नोटिस भेजेगी। पहली बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को भेजी नोटिस में लिखा होगा, 'यह आपकी पहली गलती थी इस वजह से आपसे न जुर्माना नहीं लिया जा रहा है और न ही कोई कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लेकिन अगर बार पकड़े जाने पर मामला कोर्ट में भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि किसी भी सरकारी नौकरी के लिए कैरेक्टर सर्टिफिकेट (चरित्र प्रमाण पत्र) की जरूरत पड़ती है। चरित्र प्रमाण पत्र बनाने का मामला थाने जाता है। तब पुलिस संबंधित शख्स के बारे में पूरी जांच पड़ताल करती है। तब पुलिस तय करती है कि अमुक व्यक्ति का चरित्र कैसा रहा है और तभी पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र जारी करती है।
रांची एसएसपी के प्लान के तहत अब थानों में चरित्र प्रमाण पत्र के लिए किए जाने वाले सत्यापन में इस बिंदु को भी शामिल किया जाएगा कि अमुक व्यक्ति ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के आरोप में पहले कभी पकड़ा गया है या नहीं। इसका सत्यापन पुलिस थानों में पहले से मौजूद सूची से किया जा सकेगा।