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Jharkhand: झारखंड में ओबीसी कोटा बढ़ाने का प्रस्ताव पारित, स्थायी निवासी का आधार वर्ष अब 1932
Fri, 11 Nov 2022 01:54 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 11 Nov 2022 01:54 PM IST
सार
झारखंड विधानसभा में शुक्रवार एक अन्य महत्वपूर्ण विधेयक को पारित किया गया। इसके तहत अब राज्य के स्थायी निवासी के लिए 1932 के भूमि रिकॉर्ड को आधार माना जाएगा। विशेष सत्र में झारखंड स्थायी निवासी विधेयक 2022 पारित किया गया।
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हेमंत सोरेन(फाइल)
- फोटो : Social Media
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विस्तार
झारखंड विधानसभा ने आज ओबीसी व अन्य वर्गों के आरक्षण का कोटा बढ़ाने का प्रस्ताव पारित कर दिया। इसके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल ने विद्यार्थियों व युवाओं की शिक्षा व कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का एलान किया है।
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ओबीसी कोटा बढ़ाने का प्रस्ताव झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में पारित किया गया। वर्तमान में झारखंड में ओबीसी के लिए 14 फीसदी कोटा था। उसे बढ़ाकर अब 27 फीसदी किया गया है। इसी तरह अनुसूचित जनजाति का कोटा 26 से बढ़ाकर 28 फीसदी और अनुसूचित जाति का कोटा 10 से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया। इसके साथ ही राज्य में कुल आरक्षण बढ़कर 77 फीसदी हो गया है।
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हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सवर्ण वर्ग के कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी ईडब्लूएस आरक्षण को वैध करार दिया है। इसके साथ ही अधिकतम 50 फीसदी आरक्षण देने की पूर्व में तय सीमा पार हो चुकी है। देश के कई राज्यों में आरक्षण 50 फीसदी की तय सीमा से ज्यादा हो चुका है।
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इन योजनाओं में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना समेत अनेक योजनाएं शामिल हैं। झारखंड के एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि विद्यार्थियों व युवाओं के लिए चार महत्वाकांक्षी योजनाएं घोषित की गई हैं। इनका मकसद युवाओं में शिक्षा व कौशल विकास को बढ़ावा देना है।
इन योजनाओं में उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग की मुख्य मंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना (MMSPY), एकलव्य प्रशिक्षण योजना (EPY), गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (GSCCY) और श्रम विभाग की मुख्यमंत्री मंत्री सारथी योजना (MMSY) शामिल है।
15 नवंबर को राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी योजनाओं का शुभारंभ
झारखंड की कैबिनेट सचिव वंदना डैडेल ने बताया कि इन विद्यार्थियों व युवाओं के हितकारी इन योजनाओं का आधिकारिक रूप से शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राज्य के स्थापना दिवस पर 15 नवंबर को करेंगी। उन्होंने बताया कि सीएम हेमंत सोरेन ने इन योजनाओं को गुरुवार को मंजूरी दी। इनके अलावा 34 अन्य एजेंडा को भी मंजूरी दी गई।
स्थायी निवासी के लिए 1932 का भूमि रिकॉर्ड माना जाएगा आधार
झारखंड विधानसभा में शुक्रवार एक अन्य महत्वपूर्ण विधेयक को पारित किया गया। इसके तहत अब राज्य के स्थायी निवासी के लिए 1932 के भूमि रिकॉर्ड को आधार माना जाएगा। विशेष सत्र में झारखंड स्थायी निवासी विधेयक 2022 पारित किया गया।
जनजातीय निकायों की मांग थी 1932 में अंग्रेजों द्वारा किए गए अंतिम भूमि सर्वेक्षण को इसका आधार माना जाए। वर्तमान में 1985 आधार है। अब जिन लोगों के पूर्वज 1932 से पहले इस क्षेत्र में रह रहे थे और जिनके नाम उस वर्ष के भूमि अभिलेखों में शामिल थे, उन्हें इस विधेयक के प्रस्ताव लागू होने पर झारखंड का स्थायी निवासी माना जाएगा।
स्वर्णिम अक्षरों में लिख जाएगा आज का इतिहास : सोरेन
राज्य विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज का दिन झारखंड के इतिहास में सोने के अक्षरों से लिखा जाएगा। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी विधायक हंगामा कर रहे थे क्योंकि यह झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा हासिल किए गए मील के पत्थर के कारण वे दबाव, भय और चिंता में हैं।