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झारखंड: बिजली कटौती के खिलाफ भाजपा विधायक 72 घंटे के धरने पर बैठे, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सार
विधायक ने आरोप लगाया कि लोगों को रोजाना 15 से 16 घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
झारखंड के कुछ हिस्सों में बार-बार बिजली कटौती से नाराज भाजपा के धनबाद सदर विधायक राज सिन्हा ने गुरुवार को यहां रणधीर वर्मा चौक पर 72 घंटे का धरना शुरू कर सामान्य बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। इस सप्ताह की शुरुआत में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने चेतावनी दी थी कि अगर जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बिजली सप्लाई करने वाली दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) को कोयला और पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
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सिन्हा ने दावा किया कि राज्य के कोयला क्षेत्र के लोग पिछले तीन महीनों से बिजली और पानी के संकट से जूझ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन, संबंधित विभाग उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए बेहद कम प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि उनके पास समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए धरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा समाधान नहीं निकालने पर आंदोलन तेज करने की धमकी दी।
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विधायक ने आरोप लगाया कि लोगों को रोजाना 15 से 16 घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को समय पर अपने बिलों का भुगतान करने के बाद लोड शेडिंग का सामना क्यों करना पड़ता है। राज्य सरकार उनकी दुर्दशा के प्रति उदासीन है। डीवीसी ने सात जिलों- धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, कोडरमा, रामगढ़, हजारीबाग और चतरा में बकाया राशि को कारण बताते हुए बिजली बाधित की है।
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सिन्हा ने दावा किया कि हेमंत सोरेन सरकार ने कोल सिटी में पानी की आपूर्ति भी कम कर दी है। उन्होंने कहा कि धनबाद को पहले मैथन जल परियोजना से 11 लाख कोयला शहर के नागरिकों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए 65 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) की आपूर्ति की जा रही थी। अब इसकी मात्रा 40 एमएलडी कर दी गई है।