{"_id":"5d4563db8ebc3e6cca5d991f","slug":"police-protection-provided-due-to-massive-fighting-at-congress-state-office-ranchi","type":"story","status":"publish","title_hn":"झारखंडः कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में जबर्दस्त मारपीट, पुलिस सुरक्षा में हुई बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झारखंडः कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में जबर्दस्त मारपीट, पुलिस सुरक्षा में हुई बैठक
Sat, 03 Aug 2019 05:42 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 03 Aug 2019 05:42 PM IST
विज्ञापन
कांग्रेस प्रदेश कार्यालय, रांची
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद से नेतृत्व के संकट से गुजर रही कांग्रेस पार्टी के झारखंड प्रदेश कार्यालय पर बृहस्पतिवार शाम को जबर्दस्त मारपीट और गुटबाजी हुई। रांची के पुलिस प्रवक्ता ने यहां बताया कि कांग्रेस के शहीद चौक स्थित प्रदेश कार्यालय पर बृहस्पतिवार शाम को विभिन्न गुटों में जमकर धक्कामुक्की और नारेबाजी हुई लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने बीच बचाव कर स्थिति को संभाला।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता किशोर नाथ शाहदेव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस के इतिहास में पहली बार पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर इस तरह का हंगामा हुआ जिससे विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की छवि को बहुत धक्का लगा है। उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रदेश कार्यालय को पुलिस की छावनी बना दिया गया जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि इस मामले पर विचार करने के लिए पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं की बैठक नयी दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में तीन अगस्त को बुलायी गयी है। इससे पहले बृहस्पतिवार को जैसे ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार प्रदेश कार्यालय में चुनावों की तैयारी के लिए प्रदेश पदाधिकारियों के साथ पहुंचे, उन्हें वहां विरोधी गुटों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उनके विरोध में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, राज्यसभा सदस्य प्रदीप बालमुचु एवं अन्य गुटों के लोगों ने जमकर हंगामा किया।
विज्ञापन
विरोधी गुटों ने लोकसभा चुनाव परिणामों के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार को दोषी ठहराया और कहा कि अब उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि अजय कुमार ने पिछले सप्ताह प्रदेश कार्यालय पर अपने साथ हुई धक्कामुक्की को ध्यान में रखते हुए बृहस्पतिवार की बैठक से पहले पुलिस सुरक्षा मांग ली थी और पूरी पुलिस सुरक्षा में वह प्रदेश कार्यालय में दाखिल हुए। इतना ही नहीं अपने विरोधी गुटों के प्रमुख नेताओं को भी उन्होंने पुलिस की मदद से प्रदेश कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया जिसके चलते आम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी रोष था।
विज्ञापन
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता किशोर नाथ शाहदेव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस के इतिहास में पहली बार पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर इस तरह का हंगामा हुआ जिससे विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की छवि को बहुत धक्का लगा है। उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रदेश कार्यालय को पुलिस की छावनी बना दिया गया जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस मामले पर विचार करने के लिए पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं की बैठक नयी दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में तीन अगस्त को बुलायी गयी है। इससे पहले बृहस्पतिवार को जैसे ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार प्रदेश कार्यालय में चुनावों की तैयारी के लिए प्रदेश पदाधिकारियों के साथ पहुंचे, उन्हें वहां विरोधी गुटों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उनके विरोध में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, राज्यसभा सदस्य प्रदीप बालमुचु एवं अन्य गुटों के लोगों ने जमकर हंगामा किया।
विज्ञापन
विरोधी गुटों ने लोकसभा चुनाव परिणामों के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार को दोषी ठहराया और कहा कि अब उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि अजय कुमार ने पिछले सप्ताह प्रदेश कार्यालय पर अपने साथ हुई धक्कामुक्की को ध्यान में रखते हुए बृहस्पतिवार की बैठक से पहले पुलिस सुरक्षा मांग ली थी और पूरी पुलिस सुरक्षा में वह प्रदेश कार्यालय में दाखिल हुए। इतना ही नहीं अपने विरोधी गुटों के प्रमुख नेताओं को भी उन्होंने पुलिस की मदद से प्रदेश कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया जिसके चलते आम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी रोष था।