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झारखंड में पंचायतों को नहीं है पूर्ण अधिकार
मेदिनीनगर/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 01 Jan 2013 10:35 AM IST
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पंचायत प्रतिनिधियों को अब तक अधिकार नहीं दिये जाने से विकास कार्य में रूकावट आ रही है। पंचायती राज व्यवस्था के तहत चुनी गई गांव की सरकार को अधिकार न देने पर झारखंड को दी जाने वाली राशि रोक दी जायेगी। यह बातें केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहीं।
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जयराम रमेश स्थानीय टाउन हॉल में सोमवार को आयोजित मुखिया संघ के अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास की कमान गांव को सौंपने पर ही विकास संभव है। जल्द से गांव की सरकार को सभी 29 विभागों का पूर्ण अधिकार मिलना चाहिए।
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गांव की सरकार को अधिकार देने हेतु कांग्रेस ने 20 वर्ष पूर्व संविधान में 73वां संशोधन कर पंचायती राज व्यवस्था लागू कराई। झारखंड में पंचायत चुनाव के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक पंचायत प्रतिनिधियों को पूर्ण अधिकार नहीं मिला है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संघीय ढांचे के तहत संवैधानिक प्रावधनों को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। इस संबंध में वे मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा से बात करेंगे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में ग्रामीण विकास के लिए 99 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस मद का एक प्रतिशत यानी एक हजार करोड़ गांव की सरकार को विकास मद में दिया जा रहा है। इसके पहले भी रविवार को केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश राज्य सरकार पर भड़के थे और सरकार को राज्य के विकास में अक्षम करार दिया था।