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Jharkhand: 50 से ज्यादा ट्रैप कैमरे, एक ड्रोन, फिर भी आदमखोर तेंदुआ का पता नहीं, अब वन विभाग ने उठाया ये कदम

Sun, 01 Jan 2023 01:00 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, रांची
पीटीआई, रांची Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 01 Jan 2023 01:00 PM IST
सार

रामकंडा प्रखंड के किसान रवींद्र प्रसाद ने कहा तेंदुए के डर से हमारी रातों की नींद उड़ी हुई है।  महिलाएं और बच्चे ज्यादातर डरे हुए हैं। शाम को कर्फ्यू जैसी स्थिति बन जाती है।

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Over 50 trap cameras, one drone, man-eater' leopard still traceless, forest dept ropes in hunter
झारखंड में तेंदुए का आतंक - फोटो : amar ujala

विस्तार

झारखंड के 50 गांवों में आतंक फैलाने वाले तेंदुए की तलाश में वन विभाग खाक छान रहा है। झारखंड वन विभाग ने 50 से अधिक ट्रैप कैमरे, एक ड्रोन और बड़ी संख्या में अधिकारियों को लगाया है, लेकिन पलामू संभाग में 10 दिसंबर से चार बच्चों को मारने वाला आदमखोर तेंदुआ अब भी लापता है।
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अब, विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए हैदराबाद के प्रसिद्ध शिकारी नवाब शफत अली खान को शामिल किया है। आशंका जताई जा रही है कि गढ़वा में तीन और लातेहार जिले में एक सहित चारों को एक ही तेंदुए ने मारा है। पीड़ितों की उम्र छह और 12 साल के बीच है। जिले के तीन ब्लॉक रामकंडा, रंका और भंडारिया के 50 से अधिक गांवों में तेंदुए का आतंक कायम है, जहां ग्रामीणों को वन विभाग द्वारा सूर्यास्त के बाद बाहर नहीं निकलने के लिए कहा गया है।
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ग्रामीणों में दहशत
रामकंडा प्रखंड के किसान रवींद्र प्रसाद ने कहा तेंदुए के डर से हमारी रातों की नींद उड़ी हुई है।  महिलाएं और बच्चे ज्यादातर डरे हुए हैं। शाम को कर्फ्यू जैसी स्थिति बन जाती है। गढ़वा वन प्रभाग ने तेंदुए को नरभक्षी घोषित करने के लिए गुरुवार को राज्य के मुख्य वन्यजीव वार्डन को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था और इसने नवाब शफत अली खान और पूर्व विधायक गिरिनाथ सिंह सहित तीन शिकारियों के नाम भी सुझाए हैं।
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पशु को आदमखोर घोषित करने के लिए कुछ आधिकारिक औपचारिकताएं: वन विभाग
राज्य के प्रमुख वन्यजीव वार्डन शशिकर सामंत ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि पशु को आदमखोर घोषित करने के लिए कुछ आधिकारिक औपचारिकताएं हैं। हमारी पहली प्राथमिकता ट्रैंकुलाइजेशन के जरिए तेंदुए को पकड़ना है, जो विशेषज्ञों द्वारा ही संभव है। इसलिए, हमने नवाब शफत अली खान से सलाह ली है। हमारे प्रयास में मदद करने के लिए। वह न केवल एक विशेषज्ञ है बल्कि एक जानवर की पहचान करने और उसे नियंत्रित करने के लिए नवीनतम उपकरणों से भी लैस है। 


10 दिसंबर को किया था पहला शिकार
10 दिसंबर को, लातेहार जिले के पास के बरवाडीह ब्लॉक के चिपदोहर इलाके में तेंदुए ने कथित तौर पर अपना पहला हमला किया, जिसमें एक 12 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। इसके बाद गढ़वा जिले के भंडरिया प्रखंड के रोड़ो गांव में 14 दिसंबर को छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गयी थी, जबकि उसी जिले के रंका प्रखंड के सेवडीह गांव में 19 दिसंबर को एक अन्य छह वर्षीय बच्ची को तेंदुए ने मार डाला था।
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