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झारखंड में ‘भूख’ से एक आदिवासी व्यक्ति की मौत, अधिकारियों ने इस बात से किया इनकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामगढ़
Updated Fri, 27 Jul 2018 05:47 PM IST
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राज्य के रामगढ़ जिले में 40 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति की पत्नी ने दावा किया कि भूख के कारण उसके पति की मौत हो गई। महिला के अनुसार उसके पास राशन कार्ड नहीं था।
बिरहोर आदिवासी से संबंध रखने वाले राजेंद्र बिरहोर की बृहस्पतिवार को मांडू खंड के नवाडीह गांव में मौत हो गई। जिला अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि बिरहोर की मौत ‘बीमारी’ के कारण हुई है।
बिरहोर की पत्नी 35 वर्षीय शांति देवी ने बताया कि उसके पति को पीलिया था। उसके परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे अपने पति के डॉक्टर द्वारा बताया गया खाद्य पदार्थ और दवाई खरीद सके।
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले मंगलवार को देश की राजधानी दिल्ली में तीन बच्चियों की मौत भूख से तड़प तड़पकर हुई थी। मंडावली में मृत मिली इन बच्चियों के पोस्टमार्टम के बाद लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के डॉक्टरों ने देश को शर्मसार करने वाला यह खुलासा किया था। पोस्टमार्टम में बच्चियों शिखा (8), मानसी (4), पारुल (2) के पेट में खाने का एक भी अंश नहीं मिला था। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें कई दिनों से खाना नहीं मिला था। दिल्ली सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
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बिरहोर आदिवासी से संबंध रखने वाले राजेंद्र बिरहोर की बृहस्पतिवार को मांडू खंड के नवाडीह गांव में मौत हो गई। जिला अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि बिरहोर की मौत ‘बीमारी’ के कारण हुई है।
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बिरहोर की पत्नी 35 वर्षीय शांति देवी ने बताया कि उसके पति को पीलिया था। उसके परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे अपने पति के डॉक्टर द्वारा बताया गया खाद्य पदार्थ और दवाई खरीद सके।
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले मंगलवार को देश की राजधानी दिल्ली में तीन बच्चियों की मौत भूख से तड़प तड़पकर हुई थी। मंडावली में मृत मिली इन बच्चियों के पोस्टमार्टम के बाद लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के डॉक्टरों ने देश को शर्मसार करने वाला यह खुलासा किया था। पोस्टमार्टम में बच्चियों शिखा (8), मानसी (4), पारुल (2) के पेट में खाने का एक भी अंश नहीं मिला था। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें कई दिनों से खाना नहीं मिला था। दिल्ली सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।