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NIA: कोयला खदान में गोलीबारी, जबरन वसूली और आगजनी के मामले में आरोप-पत्र दाखिल; एनआईए की कार्रवाई
Mon, 05 Aug 2024 09:59 PM IST
अभिषेक दीक्षित
एएनआई, रांची
एएनआई, रांची
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 05 Aug 2024 09:59 PM IST
सार
एनआईए की ओर से बताया गया कि मामले में आरोप पत्र दायर किए जाने वाले 25वां आरोपी शंकर यादव झारखंड की जेल में बंद अमन साहू का प्रमुख सहयोगी था।
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एनआईए
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने झारखंड के लातेहार में कोयला खदान में गोलीबारी, जबरन वसूली और आगजनी के मामले में जेल में बंद गैंगस्टर अमन साहू के एक प्रमुख सहयोगी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। बिहार के भागलपुर जिले के निवासी आरोपी शंकर यादव पर आईपीसी, यूए(पी) एक्ट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। NIA ने इसकी जानकारी दी है।
रांची में एक विशेष एनआईए अदालत के समक्ष दायर आरोप पत्र में भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। दिसंबर 2020 में लातेहार के बालूमाथ में पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले में आरोप पत्र दायर किया गया है, जिसे बाद में मार्च 2021 में एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया।
एनआईए की ओर से बताया गया कि मामले में आरोप पत्र दायर किए जाने वाले 25वां आरोपी शंकर यादव झारखंड की जेल में बंद अमन साहू का प्रमुख सहयोगी था। वह साहू के जबरन वसूली के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी फर्मों का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा करने में शामिल था। जांच के दौरान फरवरी 2024 में यादव के परिसरों की तलाशी ली गई, जिसमें 1.3 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए।
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यह मामला साहू द्वारा गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और अन्य के साथ मिलकर तेतरियाखाड़ कोयला खदान में धन उगाही और खनन कार्यों को बाधित करने की आपराधिक साजिश से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी ने कहा कि गिरोह ने कोयला खदान पर हमला किया था। एनआईए की जांच में झारखंड में कई सनसनीखेज अपराधों में अमन साहू गिरोह की संलिप्तता का पता चला है, जिसमें पुलिस अधिकारियों और जेल कर्मचारियों पर गोलीबारी भी शामिल है। साहू के मुख्य लक्ष्य व्यवसायी और ठेकेदार रहे हैं।
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रांची में एक विशेष एनआईए अदालत के समक्ष दायर आरोप पत्र में भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। दिसंबर 2020 में लातेहार के बालूमाथ में पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले में आरोप पत्र दायर किया गया है, जिसे बाद में मार्च 2021 में एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया।
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एनआईए की ओर से बताया गया कि मामले में आरोप पत्र दायर किए जाने वाले 25वां आरोपी शंकर यादव झारखंड की जेल में बंद अमन साहू का प्रमुख सहयोगी था। वह साहू के जबरन वसूली के पैसे को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी फर्मों का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा करने में शामिल था। जांच के दौरान फरवरी 2024 में यादव के परिसरों की तलाशी ली गई, जिसमें 1.3 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए।
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यह मामला साहू द्वारा गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और अन्य के साथ मिलकर तेतरियाखाड़ कोयला खदान में धन उगाही और खनन कार्यों को बाधित करने की आपराधिक साजिश से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी ने कहा कि गिरोह ने कोयला खदान पर हमला किया था। एनआईए की जांच में झारखंड में कई सनसनीखेज अपराधों में अमन साहू गिरोह की संलिप्तता का पता चला है, जिसमें पुलिस अधिकारियों और जेल कर्मचारियों पर गोलीबारी भी शामिल है। साहू के मुख्य लक्ष्य व्यवसायी और ठेकेदार रहे हैं।