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Hindi News ›   Jharkhand ›   Never thought would reach such a level Purnima Mahato after being honoured with Padma Shri

Jharkhand: झारखंड की पूर्णिमा महतो को पद्मश्री पुरस्कार, बोलीं- यहां तक पहुंचना सोच से परे

Sat, 27 Jan 2024 07:29 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमशेदपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमशेदपुर Published by: यशोधन शर्मा Updated Sat, 27 Jan 2024 07:29 AM IST
सार

महतो की पहचान उनकी मेहनत और लगन से की जाती है। वह 2013 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुकी हैं।  महतो उन सात खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।

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Never thought would reach such a level Purnima Mahato after being honoured with Padma Shri
पूर्णमा महतो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

झारखंड की बेटी पूर्णिमा महतो को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया  है। उन्हें यह पुरस्कार तीरंदाजी के खेल में कोच की भूमिका निभाने के लिए दिया गया है। गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का एलान हुआ था। उन्हें पुरस्कार मिलने पर परिवार, रिश्तेदार और क्षेत्रवासियों ने खुशी जाहिर की।
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पत्रकारों से बात करते हुए पद्मश्री पुरस्कार जीतने वाली पूर्णमा महतो ने कहा, मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मुझे यह पुरस्कार मिला, यह किसी कल्पना से कम नहीं है।  उन्होंने कहा कि मेरे पास द्रोणाचार्य पुरस्कार है और अब पद्मश्री से नवाजा गया। यह मेरे लिए गौरवान्वित करने वाले दिन था। मैं इसके लिए अपने माता-पिता को धन्यवाद देना चाहूंगी।
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तीरंदाज से कोच बनीं महतो पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन रह चुकी हैं। वह भारत की तीरंदाजी टीम की कोच के रूप में काम कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वह 2012 में ग्रीष्मकाली ओलंपियन दीपिका कुमारी को व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षित कर चुकी हैं। 
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महतो की पहचान उनकी मेहनत और लगन से की जाती है। वह 2013 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुकी हैं।  महतो उन सात खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।

इन टेनिस स्टार ने भी नाम किया रोशन
भारत के टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना, स्क्वैश खिलाड़ी जोशना चिनप्पा, पूर्व फील्ड हॉकी खिलाड़ी हरबिंदर सिंह, अंतरराष्ट्रीय मल्लखंभ कोच उदय विश्वनाथ देशपांडे, पैरा-बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच गौरव खन्ना और पैरा तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया बाकी खिलाड़ी हैं।


बता दें कि बोपन्ना ने 43 साल की उम्र में एटीपी रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था। वह अमेरिका के राजीव राम को पछाड़कर सबसे उम्रदराज विश्व नंबर 1 बन गए। इसके अलावा अक्तूबर 2022 में 38 साल की उम्र में राजीव राम ने पहला स्थान हासिल किया था।
 
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