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Jharkhand: झारखंड विधानसभा मानसून सत्र शुरू, एसआईआर पर सत्ता पक्ष का विरोध, विपक्ष ने बताया हार का डर
Fri, 01 Aug 2025 01:58 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 01 Aug 2025 01:58 PM IST
सार
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से शुरू हुआ, जो 7 अगस्त तक चलेगा। पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई। सत्र की शुरुआत से पहले ही सत्ता पक्ष ने चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर लागू करने का विरोध किया।
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झारखंड विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया है, जो 7 अगस्त तक चलेगा। सत्र के पहले दिन शोक प्रस्ताव के साथ कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र के दौरान एसआईआर, जाति जनगणना, सरना कोड और एससी/एसटी आरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष चर्चा कर सकता है, वहीं विपक्ष विधि-व्यवस्था समेत अन्य विषयों पर सरकार को घेरेगा।
सत्र शुरू होने से पहले ही सदन के बाहर एसआईआर (सांख्यिकीय निर्वाचन रजिस्टर) को लेकर सत्तापक्ष आक्रामक दिखा। कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग जबरन एसआईआर लागू कर भाजपा को फायदा पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को वोटर कार्ड से लिंक कर देना चाहिए, क्योंकि आधार सबसे विश्वसनीय पहचान पत्र है, लेकिन आयोग उसे मान्यता नहीं दे रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड में किसी भी हाल में एसआईआर लागू नहीं होने दिया जाएगा।
ये भी पढ़ें: महाबोधि मंदिर के दर्शन करने पहुंचे उप चुनाव आयुक्त, पवित्र बोधि वृक्ष के समक्ष पूजा-अर्चना की
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वहीं मंत्री इरफान अंसारी, दीपिका सिंह पांडेय, शिल्पी नेहा तिर्की समेत सत्ता पक्ष के अन्य विधायकों ने भी एकजुट होकर एसआईआर का विरोध किया और कहा कि इसे राज्य में लागू नहीं होने दिया जाएगा। इस बीच निर्दलीय विधायक सरयू राय ने एसआईआर का समर्थन करते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है और इसी प्रक्रिया के तहत एसआईआर लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फर्जी वोटरों को रोकना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं भाजपा विधायक सतेंद्र तिवारी ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन का एसआईआर का विरोध बेवजह है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को चुनाव से पहले ही हार का डर सताने लगा है, इसलिए इस तरह का विरोध किया जा रहा है।
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सत्र शुरू होने से पहले ही सदन के बाहर एसआईआर (सांख्यिकीय निर्वाचन रजिस्टर) को लेकर सत्तापक्ष आक्रामक दिखा। कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग जबरन एसआईआर लागू कर भाजपा को फायदा पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को वोटर कार्ड से लिंक कर देना चाहिए, क्योंकि आधार सबसे विश्वसनीय पहचान पत्र है, लेकिन आयोग उसे मान्यता नहीं दे रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड में किसी भी हाल में एसआईआर लागू नहीं होने दिया जाएगा।
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वहीं मंत्री इरफान अंसारी, दीपिका सिंह पांडेय, शिल्पी नेहा तिर्की समेत सत्ता पक्ष के अन्य विधायकों ने भी एकजुट होकर एसआईआर का विरोध किया और कहा कि इसे राज्य में लागू नहीं होने दिया जाएगा। इस बीच निर्दलीय विधायक सरयू राय ने एसआईआर का समर्थन करते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है और इसी प्रक्रिया के तहत एसआईआर लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फर्जी वोटरों को रोकना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं भाजपा विधायक सतेंद्र तिवारी ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन का एसआईआर का विरोध बेवजह है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को चुनाव से पहले ही हार का डर सताने लगा है, इसलिए इस तरह का विरोध किया जा रहा है।