भुगतना पड़ा नाम सद्दाम हुसैन का खामियाजा, 40 बार इंटरव्यू से निकाला
झारखंड राज्य में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है। एक व्यक्ति को महज अपने नाम की वजह से 40 मर्तबा इंटरव्यू से बाहर कर दिया गया। शताब्दी पहले शेक्सपियर ने कहा था, "एक नाम में क्या है?" उसने थोड़े से में ही यह जान लिया कि नाम का महत्व अधिक है। एक तूफान को हल करने के लिए सिर्फ एक नाम ही पर्याप्त है।
हालही में करीना कपूर खान के बेटे तैमूर खान के नाम पर उठे बवाल से भी इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है। लोगों ने मासूम शिशु के नाम पर नाराजगी व्यक्त की व गोल मेज पर चर्चा की तरह सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी लंबे विचार लिखे। लोगों ने उस शिशु के नाम को क्रूर, असहाय मुगल शासक के नाम के साथ जोड़ा।
और यह मौजूदा मामला अब एक समुद्री इंजीनियर का है, जो तईमूर कंपनी से केवल उसके नाम की वजह से व्यक्ति को लगभग 40 बार नौकरी में रखने से इनकार कर दिया गया है!
अपने बैच 2014 में रहा था दूसरे स्थान पर
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड के जमशेदपुर के रहने वाले व्यक्ति का नाम उनके दादाजी ने सद्दाम हुसैन रखा था। जिन्होंने उम्मीद की थी कि वह एक सकारात्मक व्यक्ति के रूप में बढ़ेगा। इंजीनियर का नाम ईराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन के नाम साथ मेल खाता है। बता दें कि सदाम को 2006 में मार डाला गया था।
इंजीनियर सद्दाम हुसैन दो साल पहले तमिलनाडु के नूरुल इस्लाम विश्वविद्यालय से पास कर चुके हैं, पर अब वह नौकरी की सख्त खोज कर रहा है। कथित तौर पर दो साल से उसका नाम उसे नौकरी मिलने के मामले में बड़ी बाधा बन रहा है।
हालांकि वह अपने बैच 2014 में दूसरे स्थान पर रहा है, लेकिन वह बेरोजगार बना हुआ है। उसने बहुराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों के लिए साक्षात्कार भी दिए लेकिन 40 बार उसे इंटरव्यू से अस्वीकार कर दिया गया। बहरहाल उसने अब अपने पहले नाम को साजिद में बदल दिया है, लेकिन उनकी परेशानी को उसके दसवीं,बारहवीं परीक्षा और विश्वविद्यालय के प्रमाण पत्रों में नाम परिवर्तित किए बगैर दूर नहीं किया जा सकता है। यद्यपि उसने झारखंड उच्च न्यायालय से सीबीएसई के जरिये अपने स्कूल परीक्षा प्रमाणपत्रों पर नाम बदलने के लिए अपील की है।