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घर में खाने के लिए नहीं था कुछ, आदिवासी ने 1000 रुपये में बेटा बेचा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 23 Jun 2016 03:29 PM IST
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- फोटो : bbc
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झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में एक आदिवासी ने महज 1000 रुपये में अपने बेटे को बेच दिया। पुलिस बच्चे को बरामद करने की कोशिश कर रही है। मामला धोलाबेड़ा पंचायत के बारुनिया गांव डुमरिया क्षेत्र का है। यहां के मुखिया सहदेव मुर्मू ने बताया कि बारुनिया के मालीगोड़ा टोले के भोटा सबर के छह बच्चे हैं।
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हाल ही में उसकी बीवी की मौत हो गई है जिसके बाद कमाने वाले दो से एक हो गए हैं, साथ ही भोटा को हाथ में गहरी चोट आई है और वो इन दिनों काम नहीं कर पा रहा है। इस कारण वह गंभीर आर्थिक संकट में है। उसे अपने बच्चों को खिलाने में दिक्कत हो रही थी।
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बकौल सहदेव मुर्मू उन्होंने डुमरिया के बीडीओ को भोटा सबर को आर्थिक सहायता दिलाने की कोशिश की थी। बीडीओ मृत्युंजय कुमार का कहना है वो आर्थिक मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन इसी बीच भोटा सबर ने अपने बच्चे को बेच दिया।
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स्थानीय पत्रकार भूदेव ने बताया कि भोटा झारखंड की विलुप्तप्राय जनजाति सबर से ताल्लुक रखता है। ये लोग बुरी आर्थिक स्थिति में जी रहे हैं। बारुनिया गांव में सबर आदिवासियों के 6-7 परिवार रहते हैं। डुमरिया के थाना प्रभारी विक्रांत कुमार ने बीबीसी को बताया कि अब भोटा सबर ने थाने में आवेदन देकर अपने बच्चे को वापस दिलाने की मांग की है।