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हजारीबाग जमीन घोटाला: एसीबी ने आईएएस विनय चौबे को चार दिन की रिमांड पर लिया, होगी गहन पूछताछ
Wed, 03 Sep 2025 01:14 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रांची/ हजारीबाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रांची/ हजारीबाग
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Wed, 03 Sep 2025 01:14 PM IST
सार
Hazaribagh Land Scam Update: झारखंड के बहुचर्चित हजारीबाग जमीन घोटाले मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। एसीबी की टीम ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे को हिरासत में लिया है। गौरतलब है कि इस गड़बड़ी के चलते बड़ी संख्या में सरकारी व निजी जमीन पर कब्जा जमाने का रास्ता खुल गया था।
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Hazaribagh land scam case: आईएएस विनय चौबे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Jharkhand Hazaribagh Land Scam Case: झारखंड के बहुचर्चित हजारीबाग जमीन घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे को चार दिन की रिमांड पर लिया है। एसीबी की टीम अगले चार दिनों तक उनसे इस घोटाले से जुड़े अहम पहलुओं पर गहन पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि इस पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
फर्जी कागजात से किया गया था खेला!
यह मामला करीब 18 साल पुराना है। वर्ष 2005 से 2007 के बीच विनय चौबे हजारीबाग जिले के उपायुक्त (डीसी) थे। उनपर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जमीन से संबंधित फर्जी कागजात तैयार करवाकर कुछ खास लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। कहा जाता है कि इस गड़बड़ी के चलते बड़ी संख्या में सरकारी व निजी जमीन पर कब्जा जमाने का रास्ता खुल गया था।
पहले भी इस प्रकरण में गिरफ्तार हो चुके थे आईएएस विनय
विनय चौबे झारखंड कैडर के 1999 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें पहले भी इस प्रकरण में गिरफ्तार किया जा चुका है। यही नहीं, राज्य के शराब घोटाले मामले में भी उनका नाम प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया था। हाल ही में उस मामले में उन्हें कोर्ट से जमानत मिली थी। लेकिन अब जमीन घोटाले में उनकी रिमांड से फिर एक बार राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
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अधिकारियों व माफियाओं की मिलीभगत की बात
सूत्रों का कहना है कि एसीबी इस रिमांड अवधि में घोटाले के कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी और यह पता लगाएगी कि किन-किन लोगों को फायदा पहुंचाया गया और इसमें किन अधिकारियों व माफियाओं की मिलीभगत रही। इस कार्रवाई से न केवल सरकारी दफ्तरों में बल्कि जमीन माफियाओं में भी हड़कंप मच गया है। झारखंड की राजनीति और नौकरशाही में इसे एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जो आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों का संकेत दे रही है।
ये भी पढ़ें- Flood: 'बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए विशेष राहत पैकेज का एलान करे सरकार', राहुल गांधी की पीएम मोदी से अपील
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फर्जी कागजात से किया गया था खेला!
यह मामला करीब 18 साल पुराना है। वर्ष 2005 से 2007 के बीच विनय चौबे हजारीबाग जिले के उपायुक्त (डीसी) थे। उनपर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जमीन से संबंधित फर्जी कागजात तैयार करवाकर कुछ खास लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया। कहा जाता है कि इस गड़बड़ी के चलते बड़ी संख्या में सरकारी व निजी जमीन पर कब्जा जमाने का रास्ता खुल गया था।
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पहले भी इस प्रकरण में गिरफ्तार हो चुके थे आईएएस विनय
विनय चौबे झारखंड कैडर के 1999 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें पहले भी इस प्रकरण में गिरफ्तार किया जा चुका है। यही नहीं, राज्य के शराब घोटाले मामले में भी उनका नाम प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया था। हाल ही में उस मामले में उन्हें कोर्ट से जमानत मिली थी। लेकिन अब जमीन घोटाले में उनकी रिमांड से फिर एक बार राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
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अधिकारियों व माफियाओं की मिलीभगत की बात
सूत्रों का कहना है कि एसीबी इस रिमांड अवधि में घोटाले के कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी और यह पता लगाएगी कि किन-किन लोगों को फायदा पहुंचाया गया और इसमें किन अधिकारियों व माफियाओं की मिलीभगत रही। इस कार्रवाई से न केवल सरकारी दफ्तरों में बल्कि जमीन माफियाओं में भी हड़कंप मच गया है। झारखंड की राजनीति और नौकरशाही में इसे एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जो आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों का संकेत दे रही है।
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