झारखंडः मुखबिरी के आरोप में नक्सलियों ने तीन ग्रामीणों को मारा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झारखंड के गढ़वा जिले में नक्सलियों ने एक खौफनाक वारदात को अंजाम देते हुए पुलिस की मुखबिरी के शक में तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस के अनुसार वाकया रविवार रात का है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार भंडरिया पुलिस ने बताया कि मारे गए श्रवण यादव, हीरालाल यादव और शिवलाल यादव के शव सोमवार को टेहरी गांव के जंगल में पड़े मिले। पुलिस के अनुसार सीपीआई (माओवादी) के जोनल कमांडर कोयल शंक ने इस वारदात की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि तीनों की हत्या पुलिस के लिए मुखबिरी करने के कारण की गई है। तीनों लोग माओवादियों की जानकारी पुलिस को देते थे इसलिए उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया।
पुलिस ने बताया कि श्रवण की हत्या एक रस्सी से गला काटकर की गई उसका शव स्टेट हाइवे पर पड़ा मिला। आशंका है कि हत्या कर उसका शव यहां फेंका गया, जबकि बाकी दोनों शव जंगल में पड़े मिले।
पलामू के डीआईजी अखिलेश झा ने बताया कि एक व्यक्ति की हत्या गला काटकर जबकि दो को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया। उन्होंने बताया कि श्रवण की गर्दन काटने के पीछे नक्सलियों का क्षेत्र में अपना आतंक व्याप्त करना है।
नक्सलियों ने हत्या के बाद फेंके हाथ से लिखे पर्चे
बताया जाता है कि हत्या के बाद नक्सलियों ने एक शव के पास हाथ से लिखे हुए खत भी फेंक रखे थे जिसमें धमकी दी गई थी कि और किसी ने अगर उनकी हरकतों की जानकारी पुलिस को देने की कोशिश की तो उसका भी यही अंजाम किया जाएगा।
एक सूत्र ने बताया कि रविवार की रात काफी संख्या में हथियारों से लैस नक्सली श्रवण के घर पहुंचे थे। इसके बाद नक्सलियों ने बाकी दोनों को भी उनके घर से उठाया। उनके परिजनों ने इसका विरोध किया तो नक्सलियों ने हथियारों के बल पर उनकी आवाज बंद कर दी जिसके बाद कोई भी उनके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं कर सका। इसके बाद नक्सलियों ने इत्मीनान से तीनों का कत्ल कर दिया।
हालांकि डीआईजी इस बात से इंकार करते हैं कि मारे गए तीनों लोगों ने कभी पुलिस को नक्सलियों के संबंध में कोई सूचना दी है। उन्होंने बताया कि तीनों ने पुलिस की कभी कोई मदद नहीं की। वहीं तीनों लोगों की मौत से उनके परिवार वालों को गहरा धक्का लगा है क्योंकि तीनों व्यक्ति अपने घर में अकेले कमाने वाले थे।