रेप पीड़ित बच्ची के मामले में कोर्ट ने उठाया ऐतिहासिक कदम
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झारखंड के डुमरिया में एक ट्रक ड्राइवर की हवस का शिकार बनी बच्ची के मामले में झारखंड हाइकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि पीड़िता के इलाज की व्यवस्था और उसके मामले की जांच ऐसी हो कि पीड़िता को लगे की सभ्य समाज उसके साथ खड़ा है।
कोर्ट ने कहा कि उसकी पढ़ाई की व्यवस्था भी सरकार को करनी चाहिए। बता दें कि डुमरिया में एक मजदूर की नौ वर्षीय बेटी को बीते नौ जुलाई को उसके पडोस में रहने वाले एक ड्राइवर ने नदी किनारे ले जाकर रेप किया था।
जिसके बाद से बच्ची की हालत बिगड़ गई थी। दो महीने तक उसका इलाज रांची के अस्पताल में चला था। हादसे के बाद गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण डॉक्टरों ने बच्ची को रोज पट्टी और दवाई देने की सलाह दी थी।
बेटी को गोद में लेकर इलाज के लिए जाता है पिता
इसके बाद से ही पीड़ित बच्ची का मजदूर पिता रोज उसे अपनी गोद में लेकर चार किलोमीटर दूर अस्पताल में लेकर जाता था। इसकी खबर मीडिया में आने के बाद हाइकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान ले लिया।
चीफ जस्टिस वीरेन्द्र सिंह की पीठ ने सोमवार को पीड़ित बच्ची के मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि इस बच्ची का इलाज रांची में ही करवाया जाए। जिससे इसके पिता को इसे लाने ले जाने में दिक्कत न हो और उसका इलाज प्रभावित न हो।
कोर्ट ने बच्ची से रेप के इस मामले को कितनी गंभीरता से लिया इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शीर्ष अदालत ने बच्ची के डिस्चार्ज होने के बाद भी प्रशासन को उसकी जिम्मेदारी उठाने के आदेश दिए। वहीं अदालत ने मामले की जांच भी जल्द से जल्द होने की उम्मीद जताई।