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भाई को मैनेजिंग कमेटी में रखवाने की सिफारिश करके फंसे स्वास्थ्य मंत्री

Fri, 03 Jun 2016 05:41 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Jun 2016 05:41 PM IST
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Jharkhand: health minister recommend his kin's name to rinpas managing committee

भाजपा के आला नेता बेशक अपनी पार्टी में भाई भतीजावाद न होने की बात करते हों लेकिन उसके नेता और प्रतिनिधि हर दावे पर पानी फेरते नजर आते हैं। ऐसा ही एक वाक्या सामने आया झारखंड में, जहां राज्य के स्वास्‍थ्य मंत्री ने अपने भाई को सूबे के सबसे प्रतिष्ठित रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो फिजिशयरी एंड एलाइड सांइस (RINPAS) की मैनेजिंग कमेटी में रखवाने के लिए निदेशक को खत लिखकर सिफारिश की।

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इं‌डियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार झारखंड के स्वास्‍थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने यह खत इंस्टीट्यूट के निदेशक को लिखा था। मंत्री के इस खत के साथ  रांची के सांसद तहल चौधरी ने भी सिफारिश की ‌थी। 
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चंद्रवंशी के भाई चंद्रदीप चंद्रवंशी ऊर्फ भोला गरवाह जिले के भाजपा उपाध्यक्ष भी हैं ने स्वीकार किया कि उनके नाम की सिफारिश इस पद के लिए की गई थी। चंद्रदीप ने कहा उसे यह महसूस हुआ कि वह इस पद के काबिल नहीं है और वह ठीक ढंग से इसका निर्वाह नहीं कर सकता इसलिए उसने अपना नाम वापिस ले लिया।

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रिनपास की मैनेजिंग कमेटी के लिए लगाई थी सिफारिश

Jharkhand: health minister recommend his kin's name to rinpas managing committee

चंद्रवंशी ने सफाई दी कि उसे पता चला था कि RINPAS की मैनेजिंग कमेटी में कुछ जगहें खाली हैं, इसलिए वह स्‍थानीय सांसद से मिला था। जहां से मुझे बताया गया कि इसके लिए स्वास्‍थ्य मंत्री ही सिफारिश कर सकते हैं। हालांकि इससे पहले की मेरा चुनाव होता मैंने इस पद को स्वीकार करने से मना कर दिया। चंद्रवंशी का कहना था कि यहां बहुत से वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ हैं ऐसे में मेरा वहां होना उतना सही नहीं होता। 

वहीं सांसद तहल चौधरी ने कहा, भोला चंद्रवंशी उनके पास आया था, मैं उसे व्यक्तिगत रूप से शायद ही जानता था लेकिन उसके भाई और स्वास्‍थ्य मंत्री से मेरा परिचय था। मैंने उसे समझाया कि इस पद के लिए स्वास्‍थ्य मंत्री की सिफारिश ही काम करेगी। इसके बाद मैंने मंत्री को पत्र लिखा। 

सांसद की ओर से लिखे पत्र में बताया गया कि भोला चंद्रवंशी पार्टी का मजबूत कार्यकर्ता है और वह सामाजिक कार्यों में हमेशा भागीदारी करता है। इस पत्र के बाद स्वास्‍थ्य मंत्री ने भी निदेशक को पत्र लिखकर भोला चंद्रवंशी के नाम की सिफारिश कर दी। मामले में स्वास्‍थ्य मंत्री का पक्ष तो पता नहीं चल सका लेकिन संस्‍थान के निदेशक डा. सुभाष सोरेन ने इस बात की पुष्टि की कि उन्हें भोला चंद्रवंशी के नाम की सिफारिश मिली थी।

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