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झारखंड: अपने अधिकार क्षेत्र की अवैध मीट दुकानों पर क्या कार्रवाई की? हाईकोर्ट ने सभी जिलों के SP से मांगा जवाब
Wed, 03 Apr 2024 11:18 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 03 Apr 2024 11:18 PM IST
सार
सुनवाई के दौरान रांची नगर निगम ने अदालत को यह भी बताया गया कि रांची में अवैध कसाई दुकानों के खिलाफ नागरिक प्राधिकरण द्वारा कार्रवाई की गई है। फिलहाल मामले की सुनवाई 23 अप्रैल को फिर होगी।
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झारखंड हाईकोर्ट
- फोटो : Social Media
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विस्तार
झारखंड हाई कोर्ट ने अवैध मांस दुकानों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट ने इसे लेकर बुधवार को सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने कहा है कि वे बताएं कि उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र में चल रही अवैध मांस की दुकानों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है।
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न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की अदालत ने श्यामानंद पांडे नामक व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए हैं। अपनी याचिका में श्यामानंद पांडे ने खुले में मांस की बिक्री का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद राज्य में हर जगह अवैध मांस की दुकानें चल रही हैं। इतना ही नहीं, नगर निगम के नियमों का उल्लंघन करते हुए राजधानी में सड़कों पर मृत जानवरों के शवों को खुले में लटका दिया जाता है। इनमें से कई के पास तो लाइसेंस ही नहीं हैं।
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सुनवाई के दौरान रांची नगर निगम ने अदालत को यह भी बताया गया कि रांची में अवैध कसाई दुकानों के खिलाफ नागरिक प्राधिकरण द्वारा कार्रवाई की गई है। फिलहाल मामले की सुनवाई 23 अप्रैल को फिर होगी।
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