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'पॉर्न' जैसी इस किताब को सरकार ने किया बैन, ये है वजह

Sun, 13 Aug 2017 11:03 AM IST
amarujala.com- presented by: मोहित
amarujala.com- presented by: मोहित Updated Sun, 13 Aug 2017 11:03 AM IST
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Jharkhand Government Banned A Book On Tribals and suspended author

झारखंड सरकार ने आदिवासी महिलाओं के चरित्र को गलत ढंग से पेश करने वाली किताब 'दि आदिवासी विल नॉट डांस' पर बैन लगा दिया है। सरकार ने इस किताब के लेखक को भी सस्पेंड कर दिया है। 

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2015 में साहित्य युवा पुरस्कार जीतने वाले हांसदा सौवेंद्र शेखर द्वारा लिखित इस किताब में आदिवासी कल्चर को गलत ढंग से पेश करने और संताल जनजातीय महिलाओं की गलत छवि को पेश करती है।
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उनके इस किताब में एक कहानी 'नवंबर इज द मंथ ऑफ माइग्रेशन' है, जिसमें एक संताल महिला के बारे में बताया गया है कि वह 50 रुपए और ब्रेड पकोड़ों के लिए अपने शरीर को बेचती है। बता दें कि उनकी उस किताब का जमकर विरोध हो रहा था।

वहीं झारखंड विधानसभा में बीते शुक्रवार ही इस किताब की सभी प्रतियां जब्त करने, बिक्री पर रोक और लेखक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

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