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IAS Puja Singhal: निलंबित आईएएस पूजा सिंघल के पति ही खोल रहे सारी पोल, काली कमाई के बारे में दी जानकारी
Sat, 18 Jun 2022 03:17 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 18 Jun 2022 03:17 PM IST
सार
झारखंड की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल पर आए दिन शिकंजा कसता जा रहा है। रोजाना कोई न कोई खुलासे हो रहे हैं।
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पूजा सिंघल अपने पति के साथ(फाइल)
- फोटो : Social media
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विस्तार
झारखंड की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की आए दिन मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इस बार मुश्किलों की वजह और कोई नहीं बल्कि उनके पति अभिषेक झा ही बने हैं जिन्होंने कई बड़े खुलासे किए हैं। अभिषेक ने पूजा की काली कमाई के बारे में ईडी के सामने बहुत कुछ बताया है।
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अभिषेक झा से ईडी की कड़ी पूछताछ
ईडी अभिषेक झा पर लगातार दबाव बना रही है और कुछ ऐसे सवाल हैं जिसे बार-बार पूछ रही है। पूर्व में छापेमारी के वक्त जो दस्तावेज मिले थे उन्हें अभिषेक झा के सामने रखकर सत्यापन करवाया जा रहा है। कई मामलों में ईडी को सफलता मिल रही है। सूत्रों के अनुसार अभिषेक झा कई ऐसे राज खोल रहे हैं जिससे पूजा सिंघल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अभिषेक झा पूजा की काली कमाई के बारे में भी कई राज खोले हैं।
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क्या है मामला?
सिंघल एवं अन्य के खिलाफ यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जिसमें झारखंड सरकार के पूर्व जूनियर इंजीनियर राम विनोद सिन्हा को ईडी ने 17 जून 2020 को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था। उससे पहले उसके खिलाफ राज्य सतर्कता ब्यूरो की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद 2012 में एजेंसी द्वारा पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया गया था। सिन्हा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक धाराओं के तहत धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उस पर एक अप्रैल 2008 से 21 मार्च 2011 तक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम करते हुए कथित तौर पर जनता के पैसे की धोखाधड़ी करके उसे अपने नाम के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश करने का आरोप है।
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एजेंसी ने पहले कहा था कि उक्त धन को खूंटी जिले में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत सरकारी परियोजनाओं के निष्पादन के लिए रखा गया था। सिन्हा ने ईडी को बताया कि उसने जिला प्रशासन को पांच प्रतिशत कमीशन (धोखाधड़ी में से) का भुगतान किया है।