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झारखंड के 14 हजार स्कूलों में रूका विकास
रांची/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 21 Nov 2012 03:49 PM IST
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झारखंड के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति का बैंक खाता नहीं होने से विकास कार्य रूका हुआ है। राज्य के 14033 विद्यालयों में प्रबंध समिति नहीं है या प्रबंध समिति का खाता नहीं खुला है। जबकि शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत स्कूल में विद्यालय प्रबंध समिति का गठन व उसका खाता होना अनिवार्य है।
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विद्यालयों में प्रबंध समिति के खाते में विद्यालय विकास अनुदान, विद्यालय भवन मरम्मत अनुदान व टीएलएम के लिए राशि दी जाती है। इसके अलावा छात्र अनुदान के लिए राशि भी विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में ही दी जाती है। ऐसे में खाता न होने पर स्कूलों को दी गयी राशि का आवंटन नहीं हो पा रहा है और विकास प्रभावित हो रहा है।
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विद्यालय प्रबंध समिति का खाता प्रबंध समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व संयोजक के नाम से खोलना होता है। इसमें विद्यार्थियों के अभिभावक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रधानाध्यापक, छात्र संसद के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। इस समिति में कुल पंद्रह सदस्य होते हैं। राज्य के कुल 1234 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति का गठन ही नहीं किया गया है। गुमला में सबसे अधिक 242, रांची में 127, खूंटी में 126, सिमडेगा में 227 विद्यालयों में अब तक विद्यालय प्रबंध समिति का गठन नहीं हुआ है।
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