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पूर्व मंत्री का परिवार करता है 90 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी

Sun, 08 Jan 2017 12:25 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 08 Jan 2017 12:25 PM IST
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former minister a daily wage laborer earning rs 90 per day
हरिनारायण राय, पूर्व मंत्री, झारखंड - फोटो : social media
झारखंड के एक पूर्व मंत्री 90 रुपये की दिहाड़ी पर काम करते हैं। इतना ही नहीं, उनकी पत्नी और भाई भी 90 रुपये की मजदूरी पर काम करते हैं।
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 दरअसल, जेल में सजा काट रहे पूर्व मंत्री हरिनारायण राय, उनकी पत्नी और उनके भाई बागवानी का काम करते हैं। इस एवज में जेल प्रशासन की तरफ से उन्हें 90 रुपये की मजदूरी दी जाती है। हालांकि,  एक दिन की मजदूरी 120 रुपये है। लेकिन ये तीनों बागवानी में अभी दक्ष नहीं है,  इसलिए इन्हें 90 रुपये की मजदूरी दी जा रही है। 

गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में  पूर्व मंत्री हरिनारायण राय, पत्नी सुशीला देवी और भाई संजय राय को पांच-पांच साल की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा हुई है। 
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हरिनारायण राय का परिवार एक ही जेल  बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार में रहता है। हालांकि, जेल में वे एक साथ नहीं रहते।  सुबह जब बंदियों को टहलने और अन्य काम के लिए बाहर निकाला जाता है, तब ही वे लोग मिल पाते हैं,  क्योंकि हरिनारायण डिवीजन वार्ड, पत्नी महिला वार्ड व भाई साधारण वार्ड में रहते हैं।
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पहली बार जीते तो पैर में थी टूटी चप्पल

former minister a daily wage laborer earning rs 90 per day
फाइल फोटो - फोटो : social media
हरिनारायण राय वर्ष 2005 में जरमुंडी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक बने थे। कहा जाता है कि जीतने के बाद वह पहली बार जब रांची आए तो पैर में टूटी चप्पल थी और शरीर पर साधारण से कपड़े।  

2005 में किसी पार्टी या गठबंधन को पूर्ण बहुमत नहीं मिली थी। इसलिए सरकार बनाने की जोड़तोड़ चल रही थी। हरिनारायण पहले यूपीए के संपर्क में आए। फिर उसी रात पाला बदलकर एनडीए के साथ हो गए। अर्जुन मुंडा की सरकार बनी तो राय ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री बने। यहीं से उनका रुतबा बदला। 

हालांकि कुछ साल बाद वे विवादों में आए और अकूत संपत्ति अर्जित करने का आरोप उन पर लगा। 2009 के विधानसभा चुनाव से पहले वे जेल चले गए। जेल से ही चुनाव जीते। हालांकि 2014 में वे कांग्रेस के बादल पत्रलेख से चुनाव हार गए। 2005 से 2009 तक अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा और शिबू सोरेन सरकार में मंत्री रहे। 
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