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तार कंपनी के पांच अफसरों का इस्तीफा, एक मंजूर
रांची/एजेंसी
Updated Mon, 27 Aug 2012 03:18 PM IST
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इंडियन स्टील वायर प्रोडक्ट (तार कंपनी-आइएसडब्ल्यूपी) के पांच पदाधिकारियों पर प्रबंधन ने कार्रवाई की है। प्रबंधन की नाराजगी को देखते हुए इन अफसरों ने इस्तीफा भेज दिया है, जिनमें से एक का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। चार अन्य अधिकारियों का इस्तीफा अब तक मंजूर नहीं किया गया है। हालांकि मैनेजमेंट ने इस पूरे मामले की पुष्टि नहीं की है।
सूत्रों के अनुसार तार कंपनी में मंदी को देखते हुए केआरए (बोनस की तरह की राशि) की सुविधा स्थगित कर दी गई है। इसका भुगतान नहीं किए जाने का सरकुलर जारी किया जा चुका है। इसको लेकर पदाधिकारियों में नाराजगी है।
इससे क्षुब्ध मैनेजमेंट के ही कुछ अधिकारियों ने मिलकर एक सक्सेस मंत्र का कतरन स्कैन कर पदाधिकारियों के बीच मेल कर दिया। इसका सार यह था कि राजा जब प्रजा का हक मारता है, तो उसका राजपाठ छिन जाता है।
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यह मेल कंपनी के एमडी तक पहुंच गया। एमडी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से रॉड मिल के सीनियर मैनेजर राकेश बाबू का इस्तीफा ले लिया गया। उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया गया है। इस मामले की जांच की जा रही थी, इस बीच इसी मामले में फंसे चार अन्य अधिकारियों ने भी इस्तीफा दे दिया। इनका इस्तीफा देर रात तक एमडी ऑफिस नहीं पहुंचा था।
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सूत्रों के अनुसार तार कंपनी में मंदी को देखते हुए केआरए (बोनस की तरह की राशि) की सुविधा स्थगित कर दी गई है। इसका भुगतान नहीं किए जाने का सरकुलर जारी किया जा चुका है। इसको लेकर पदाधिकारियों में नाराजगी है।
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इससे क्षुब्ध मैनेजमेंट के ही कुछ अधिकारियों ने मिलकर एक सक्सेस मंत्र का कतरन स्कैन कर पदाधिकारियों के बीच मेल कर दिया। इसका सार यह था कि राजा जब प्रजा का हक मारता है, तो उसका राजपाठ छिन जाता है।
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यह मेल कंपनी के एमडी तक पहुंच गया। एमडी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से रॉड मिल के सीनियर मैनेजर राकेश बाबू का इस्तीफा ले लिया गया। उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया गया है। इस मामले की जांच की जा रही थी, इस बीच इसी मामले में फंसे चार अन्य अधिकारियों ने भी इस्तीफा दे दिया। इनका इस्तीफा देर रात तक एमडी ऑफिस नहीं पहुंचा था।