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PFI के 12 नेताओं के खिलाफ FIR, आतंकी संगठन IS से संबंध होने पर कर दिया था बैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Updated Tue, 27 Feb 2018 05:24 PM IST
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पीएफआई
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झारखंड में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 12 नेताओं के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। बता दें कि इस संगठन को एंटी नेशनल मानते हुए झारखंड सरकार ने हाल ही में बैन किया है। गौरतलब है कि 25 फरवरी को पाकुर जिले के मफैसिल पुलिस स्टेशन में पीएफआई के 60 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद पलिस ने कार्रवाई करते हुए 22 फरवरी को चंदरपाड़ा गांव में पीएफआई के दफ्तर पर छापा मारा था। जहां से पुलिस को एंटी नेशनल सामग्री बरामद हुई थी। पुलिस ने पीएफआई के दफ्तर से झंडे, बैनर, पम्पलेट, कंप्यूटर और सीडी समेत अन्य कई जीचे बरामद की थीं। बता दें कि झारखंड सरकार ने इसे 21 फरवरी को यह कहते हुए बैन कर दिया था कि इस संगठन के संबंध आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से हैं।
सरकार ने कहा था कि इस संगठन के सदस्य सीरिया में आईएस के लिए काम कर रहे हैं। पुलिस ने पीएफआई के जनरल सेक्रेटरी अब्दुल बदुद, जिला सेक्रेटरी अब्दुल हनान, पाकुर यूनिट, हबीबुर रहमान और शमीम अख्तर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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बता दें कि लॉ डिपार्टमेंट से सहमति के बाद पीएफआई को प्रतिबंधित किया गया है। जानकारी के मुताबिक यह संगठन झारखंड के पाकुड़ और साहिबगंज जिले में सक्रिय था। यह जिले बांग्लादेश की सीमा से सटे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक यहां राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की शिकायत मिलती है। सरकार का मानना है कि यह संगठन आईएसआईएस से प्रभावित है।
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इसके बाद पलिस ने कार्रवाई करते हुए 22 फरवरी को चंदरपाड़ा गांव में पीएफआई के दफ्तर पर छापा मारा था। जहां से पुलिस को एंटी नेशनल सामग्री बरामद हुई थी। पुलिस ने पीएफआई के दफ्तर से झंडे, बैनर, पम्पलेट, कंप्यूटर और सीडी समेत अन्य कई जीचे बरामद की थीं। बता दें कि झारखंड सरकार ने इसे 21 फरवरी को यह कहते हुए बैन कर दिया था कि इस संगठन के संबंध आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से हैं।
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सरकार ने कहा था कि इस संगठन के सदस्य सीरिया में आईएस के लिए काम कर रहे हैं। पुलिस ने पीएफआई के जनरल सेक्रेटरी अब्दुल बदुद, जिला सेक्रेटरी अब्दुल हनान, पाकुर यूनिट, हबीबुर रहमान और शमीम अख्तर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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बता दें कि लॉ डिपार्टमेंट से सहमति के बाद पीएफआई को प्रतिबंधित किया गया है। जानकारी के मुताबिक यह संगठन झारखंड के पाकुड़ और साहिबगंज जिले में सक्रिय था। यह जिले बांग्लादेश की सीमा से सटे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक यहां राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की शिकायत मिलती है। सरकार का मानना है कि यह संगठन आईएसआईएस से प्रभावित है।
पीएफआई के सदस्य आईएसआईएस से प्रभावित है
fir shimla
गृह विभाग ने अपने प्रस्ताव में कहा कि पीएफआई के सदस्य आईएसआईएस से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि कई सदस्य सीरिया जैसे देशों में भी काम कर रहे हैं। अपने प्रस्ताव में उन्होंने कहा कि यह संगठन प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रही है।
प्रदेश सरकार को डर था कि अगर इस संगठन पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो झारखंड पर इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता। आरोप लगे हैं कि यह संगठन गौ रक्षा और बच्चा चोर के नाम पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जा रहे थे। कहा जाता है कि संगठन ने 300 से ज्यादा हथियारबंद लोगों के साथ सड़कों पर प्रदर्शन किया था।
यह संगठन झारखंड के अलावा कर्नाटक में भी कार्यरत है। इस पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह स्थिति अभी कर्नाटक में नहीं आई है।
गृह विभाग ने अपने प्रस्ताव में कहा कि पीएफआई के सदस्य आईएसआईएस से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि कई सदस्य सीरिया जैसे देशों में भी काम कर रहे हैं। अपने प्रस्ताव में उन्होंने कहा कि यह संगठन प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रही है।
प्रदेश सरकार को डर था कि अगर इस संगठन पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो झारखंड पर इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता। आरोप लगे हैं कि यह संगठन गौ रक्षा और बच्चा चोर के नाम पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जा रहे थे। कहा जाता है कि संगठन ने 300 से ज्यादा हथियारबंद लोगों के साथ सड़कों पर प्रदर्शन किया था।
यह संगठन झारखंड के अलावा कर्नाटक में भी कार्यरत है। इस पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह स्थिति अभी कर्नाटक में नहीं आई है।
प्रदेश सरकार को डर था कि अगर इस संगठन पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो झारखंड पर इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता। आरोप लगे हैं कि यह संगठन गौ रक्षा और बच्चा चोर के नाम पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जा रहे थे। कहा जाता है कि संगठन ने 300 से ज्यादा हथियारबंद लोगों के साथ सड़कों पर प्रदर्शन किया था।
यह संगठन झारखंड के अलावा कर्नाटक में भी कार्यरत है। इस पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह स्थिति अभी कर्नाटक में नहीं आई है।
गृह विभाग ने अपने प्रस्ताव में कहा कि पीएफआई के सदस्य आईएसआईएस से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि कई सदस्य सीरिया जैसे देशों में भी काम कर रहे हैं। अपने प्रस्ताव में उन्होंने कहा कि यह संगठन प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम कर रही है।
प्रदेश सरकार को डर था कि अगर इस संगठन पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो झारखंड पर इसका नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता। आरोप लगे हैं कि यह संगठन गौ रक्षा और बच्चा चोर के नाम पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किए जा रहे थे। कहा जाता है कि संगठन ने 300 से ज्यादा हथियारबंद लोगों के साथ सड़कों पर प्रदर्शन किया था।
यह संगठन झारखंड के अलावा कर्नाटक में भी कार्यरत है। इस पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह स्थिति अभी कर्नाटक में नहीं आई है।