खौफनाक शहर, 5 महीनों में 92 हत्याएं
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प्रभातखबर के मुताबिक स्थिति यह हो गई है कि अपराधी पुलिस पर हावी होते जा रहे हैं। ज्यादातर मामलों में पुलिस अपराधियों को पकड़ सकने में भी कामयाब नहीं हो पाई है।
और जो अपराधी पकड़ में आ गए उनके खिलाफ इतने सबूत भी इकट्ठे नहीं हो पाए कि उन्हें सजा मिल पाई हो।
पुलिस की लीपापोती
हाल के दिनों में कुछ हत्याओं में पुलिस को सुराग तो मिले हैं, लेकिन अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, इधर सीनियर पुलिस अधिकारी भी सिर्प पूरे मामले को सिर्फ तीन चर्चित थानेदारों के भरोसे छोड़ दे रहे हैं।
थानेदार अपने स्तर पर कार्यवाई कर रहे हैं। हत्या के भी जो मामले सामने आ रहे हैं उससे पता चल रहा है कि अपराधी कितने बेखौफ हो चुके हैं।
हत्या के मामलों में पुलिस ने ज्यादातर एक ही जवाब तैयार किया है। और ज्यादातर रिपोर्ट में लिखा है कि मामला जमीन और कारोबार से जुड़ा है। लेकिन यह नहीं बताती कि कारोबारी ने किस अपराधी के जरिए हत्या करवाई है। अधिकतर मामलों में पुलिस लीपापोती करती नजर आती है।
किस माह में कितने अपराध
माह---------हत्या------डकैती-----लूट-------वाहन चोरी
जनवरी---------15----------2----------6---------109
फरवरी---------23----------2----------13--------114
मार्च-----------15-----------2----------7---------117
अप्रैल----------18-----------2----------8---------98
मई-------------21-----------1-----------9---------89