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अब व्हॉट्सऐप पर अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं, पुलिस ने किया सर्कुलर जारी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 14 Oct 2016 05:39 PM IST
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- फोटो : demo
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पुलिस हिरासत में एक शख्स की मौत का आरोप झेल रही झारखंड की दुमका पुलिस ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि जो लोग सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करेंगे, उनके खिलाफ साइबर क्राइम की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई होगी। कुछ दिनों जमात्रा जिले में एक शख्स के द्वारा व्हट्सऐप पर बीफ वाला कथित जोक फॉर्वर्ड करने पर उसे पुलिस हिरासत में लिया गया था। बाद में उसकी मौत की खबर आई। पुलिस पर उसे यातना देकर मारने का आरोप है।
पुलिस ने सर्कुलर में कहा है कि जो लोग सोशल मीडिया (फेसबुक, व्हॉट्सऐप) का इस्तेमाल करते हैं, वे ग्रुप एडमिन बनाते और बनते वक्त यह ख्याल रखें कि अपने परिचितों को ग्रुप से जोड़ें। ग्रुप के जरिए भेजे गए किसी भी मैसेज की जवाबदेही ग्रुप एडमिन की होगी। ऐसे में अगर कोई आपत्तिजनक मैसेज भेजा गया हो तो ग्रुप एडमिन तुरंत उसका संज्ञान लेकर उसे डिलीट कराएं और संबंधित यूजर्स की खबर लें। ऐसा न होने पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
सर्कुलर में कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है। देखा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर समाचार के नाम पर कई ग्रुप बन रहे हैं, और ऐसे समाचार प्रेषित हो रहे हैं जिनकी सत्यता प्रमाणित नहीं है। कई तथ्य बिना पुष्टि के कट-पेस्ट और फॉर्वर्ड किए जा रहे हैं। ऐसे में अफवाह, भ्रामक तथ्य, सामाजिक समरसता के खिलाफ पोस्ट होने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी। दोषी पाए जाने पर आईटी एक्ट, साइबर क्राइम और भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई होगी।
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पुलिस ने सर्कुलर में कहा है कि जो लोग सोशल मीडिया (फेसबुक, व्हॉट्सऐप) का इस्तेमाल करते हैं, वे ग्रुप एडमिन बनाते और बनते वक्त यह ख्याल रखें कि अपने परिचितों को ग्रुप से जोड़ें। ग्रुप के जरिए भेजे गए किसी भी मैसेज की जवाबदेही ग्रुप एडमिन की होगी। ऐसे में अगर कोई आपत्तिजनक मैसेज भेजा गया हो तो ग्रुप एडमिन तुरंत उसका संज्ञान लेकर उसे डिलीट कराएं और संबंधित यूजर्स की खबर लें। ऐसा न होने पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
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सर्कुलर में कहा गया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है। देखा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर समाचार के नाम पर कई ग्रुप बन रहे हैं, और ऐसे समाचार प्रेषित हो रहे हैं जिनकी सत्यता प्रमाणित नहीं है। कई तथ्य बिना पुष्टि के कट-पेस्ट और फॉर्वर्ड किए जा रहे हैं। ऐसे में अफवाह, भ्रामक तथ्य, सामाजिक समरसता के खिलाफ पोस्ट होने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी। दोषी पाए जाने पर आईटी एक्ट, साइबर क्राइम और भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई होगी।
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