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Jharkhand: कंपनी में गोलीबारी की घटना में कांग्रेस विधायक समेत छह अन्य दोषी करार, जेल ले जाया गया
Thu, 08 Dec 2022 07:53 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, रांची
पीटीआई, रांची
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 08 Dec 2022 07:53 PM IST
सार
आरोप है कि फैक्ट्री में मजदूरों का विवाद चल रहा था और कुछ लोग फैक्ट्री के सामने प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे काम ठप हो गया। ममता देवी और अन्य लोगों के नेतृत्व में एक भीड़ ने पुलिस पार्टी पर गोली चलाई जिसमें पांच पुलिसकर्मी और एक मजिस्ट्रेट घायल हो गए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
झारखंड की एक अदालत ने रामगढ़ की एक निजी औद्योगिक कंपनी में गोलीबारी के एक मामले में रामगढ़ की कांग्रेस विधायक ममता देवी और छह अन्य को गुरुवार को दोषी करार दिया। इस मामले पर अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी, जिसमें उनकी सजा पर फैसला होगा। दोषी करार दिए जाने के बाद विधायक को हजारीबाग सेंट्रल जेल ले जाया गया।
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बता दें कि अगस्त 2016 में रांची से लगभग 50 किलोमीटर दूर रामगढ़ जिले के रजरप्पा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत एक इनलैंड पावर लिमिटेड के परिसर में ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी जिसमें दो व्यक्ति मारे गए थे। इस मामले में अगस्त 2016 में जिला अधिकारियों की शिकायत पर रजरप्पा पुलिस स्टेशन में ममता देवी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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इसके बाद कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई और ममता देवी और अन्य आरोपितों को 12 दिसंबर को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। वहीं अब उनको क्या सजा होगी इसके लिए हजारीबाग सिविल कोर्ट के चौथे अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश पवन कुमार अपना फैसला देंगे। बता दें कि यह कोर्ट एमपी-एमएलए कोर्ट के रूप में कार्य करता है।
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आरोप है कि फैक्ट्री में मजदूरों का विवाद चल रहा था और कुछ लोग फैक्ट्री के सामने प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे काम ठप हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को हटाया और धरना वापस लेने को कहा। ममता देवी और अन्य लोगों के नेतृत्व में एक भीड़ ने पुलिस पार्टी पर गोली चलाई जिसमें पांच पुलिसकर्मी और एक मजिस्ट्रेट घायल हो गए।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और भीड़ पर गोलियां चलाईं, जिसमें दो व्यक्ति मारे गए और आठ घायल हो गए। पुलिस द्वारा ममता देवी, छह अन्य और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए थे।