गजब का प्रत्याशी! गंजे हैं, लेकिन चुनाव चिन्ह 'कंघी'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुछ साल पहले जब अमिताभ चौधरी के बाल झड़ना शुरू हुए तो शायद उन्हें इस बात का अंदाजा बिल्कुल नहीं रहा होगा कि भविष्य में उनके साथ क्या खेल होने वाला है।
झारखंड के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ चौधरी पिछले ही महीने झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक पार्टी में शामिल हुए। और उनकी इस पार्टी का चुनाव चिन्ह एक कंघी है।
अब इसे इत्तेफाक के अलावा क्या कहेंगे कि एक तरफ अमिताभ चौधरी के बाल दिन पर दिन झड़ते-झड़ते बिल्कुल नहीं बचे और दूसरे तरफ उनकी पार्टी ने उन्हें 2014 के चुनावों के लिए अपना लोकसभा प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
हर तरफ कंघी ही कंघी
अब बिना बालों के अमिताभ चौधरी कंघी से भले ही कितना ही दूर रहने की कोशिश करें। लेकिन उनके पास कंघियां ही कंघियां है। पार्टी के झंडो पर कंघी। पोस्टर्स पर कंघी। हर विज्ञापन पर कंघी।
दूसरी तरफ विरोधियों को अमिताभ चौधरी पर चुटकी लेने का बेहतरीन मौका मिल गया है। इन दिनों सारे विरोधी कहते नजर आ रहे हैं, 'अरे टकले के हाथ में कंघी, ये क्या करेगा?'
इस मामले पर अमिताभ चौधरी के समर्थक कहते हैं कि इससे क्या फर्क पड़ता है कि उनके बाल हैं या नहीं। वे अब भी बाकी कई प्रत्याशियों से लाख बेहतर और स्मार्ट लगते हैं। एक वक्त था जब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमिताभ का सपोर्ट महेंद्र सिंह धोनी भी किया करते थे।
युवा वोटर को जोड़ने की कवायद
हालांकि, पार्टी राजनीति की बात की जाए तो जिस वक्त अमिताभ चौधरी ने पार्टी की सदस्यता ली थी। उस समय बाबूलाल मरांडी ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया था।
पूर्व आईपीएस अधिकारी और क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष को पार्टी में शामिल करने के बाद सभी की यह उम्मीद है कि वे युवा वोट बैंक को अपनी ओर आकर्षिक कर पाएंगे।
अमिताभ चौधरी आईआईटी खड़कपुर से पढ़े हुए हैं। बतौर आईपीएस काम करने के बाद उन्होंने झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन में अध्यक्ष के तौर पर काम किया। और अब वे राजनीति में आकर जेवीएम-पी की तरफ से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।