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धनबाद में अधिकारियों ने कंपनी संग गायब कर दिया करोड़ों का कोयला, जीएम समेत कइयों पर केस दर्ज 

Wed, 10 Jul 2019 05:17 AM IST
Nilesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली 
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली  Published by: Nilesh Kumar Updated Wed, 10 Jul 2019 05:17 AM IST
सार

  • आरोपी कंपनी को मिला था 5 साल का टेंडर
  • बीसीसीएल को 13.5 करोड़ का नुकसान
  • सीबीआई ने दर्ज किया धोखाधड़ी का केस

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Coal Scam in Jharkhnd, Officials have disappeared crores of coal in Dhanbad
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

झारखंड के धनबाद की जीनागोरा कोयला खदान से 61756 मीट्रिक टन का कोयले का घपला पकड़ा गया है। इसकी वजह से बीसीसीएल को करीब 13.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सीबीआई ने मामले में बीसीसीएल के पूर्व महाप्रबंधक सहित छह अधिकारियों, एक कंपनी और बाकी अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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सीबीआई की एफआईआर के अनुसार एटी देवप्रभा कंपनी को हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी लगाने का पांच साल का टेंडर मिला था। उसे जीनागोरा कोयला खदान व लोदना क्षेत्र की अन्य जगहों से 251.47 लाख क्यूबिक मीटर पत्थर, मिट्टी आदि हटाना था। साथ ही 107.21 लाख मीट्रिक टन कोयला निकाल कर उसे बताई गई जगहों पर भेजना था। यह काम करीब 452 करोड़ रुपये का था। 
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इस बीच कोल इंडिया लिमिटेड की सालाना कोयला भंडार मापक टीम ने आरोपी अधिकारियों के सामने छह व सात अप्रैल 2017 को छापा मार कर खदान के कोयला का स्टॉक मापा। यह निर्धारित से 61,756 मीट्रिक टन कम निकला। सामान्यत: पांच प्रतिशत कम या ज्यादा कोयला स्टॉक में होने की अनुमति है, लेकिन यह यह निर्धारित से 27.88 प्रतिशत कम था। इस गायब हुए कोयले का मूल्य करीब 13.5 करोड़ रुपये आंका गया। यह नुकसान बीसीसीएल को हुआ था। 
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एफआईआर के अनुसार अधिकारियों ने मासिक दस्तावेज तैयार करते समय भी कोयला की वास्तविक मात्रा दर्ज नहीं की। उन्हाेंने एटी देवप्रभा कंपनी के साथ मिलकर इसे गायब करवा दिया और खुद इसका फायदा लिया।

आरोपियों में बड़े-बड़े अधिकारी

घपले के समय बीसीसीएल के तत्कालीन महाप्रबंधक प्रकाशचंद्र, तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक बीएन सिंह, जीनागोरा प्रोजेक्ट के तत्कालीन परियोजना अधिकारी कल्यानजी प्रसाद, प्रबंधक एके पांडेय, क्षेत्र सर्वे अधिकारी एन मंडल, सर्वेयर अनूप महाथा को शामिल बताया गया जो वर्ष 2016-17 में यहां नियुक्त थे। सरायधेला धनबाद की मैसर्स एटी देव प्रभा प्राइवेट लिमिटेड व अज्ञात लोग भी इसमें शामिल माने गए हैं।

विश्वासघात और धोखाधड़ी का केस

सीबीआई ने आठ जुलाई को एफआईआर दर्ज की है। इसमें सभी आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120बी, 409, 420 और 477ए और भ्रष्टचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज हुए हैं। उन पर आपराधिक षड़यंत्र, विश्वासघात, धोखाधड़ी, फर्जी खाते व दस्तावेज बनाने और लोकसेवक का द्वारा आपराधिक आचरण व जालसाजी के आरोप लगे हैं। 

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