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Jharkhand: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का झारखंड दौरा, मतदाता सूची शुद्धिकरण और निष्पक्ष चुनाव पर जोर
Mon, 05 Jan 2026 03:06 PM IST
झारखंड ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: झारखंड ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 03:06 PM IST
सार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार झारखंड के देवघर और दुमका दौरे पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से सीधे संवाद में पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वच्छ और निष्पक्ष मतदान तभी संभव है, जब मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी हो।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिनों के दौरे पर झारखंड में हैं। सोमवार को उन्होंने देवघर और दुमका के बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वच्छ और निष्पक्ष मतदान तभी संभव है, जब मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी हो। बीएलओ को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव प्रक्रिया की बारीकियों पर चर्चा की और बताया कि लोकतंत्र की रक्षा केवल कानून से नहीं, बल्कि ईमानदार मतदाता सूची से होती है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी सबसे मजबूत नींव मतदाता सूची ही है।
देवघर में मीडिया से बातचीत के दौरान ज्ञानेश कुमार ने झारखंड के राज्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त और जिला प्रशासन की खुले तौर पर सराहना की। उन्होंने कहा कि पारदर्शी चुनाव और मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर यहां कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने दो टूक कहा कि मतदाता सूची में किसी भी गैर-नागरिक का नाम होना संविधान के खिलाफ है। इसी को ध्यान में रखते हुए देश के 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की शुरुआत की गई है, जिसे आने वाले समय में पूरे देश में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी बीएलओ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि मतदाता सूची शुद्धिकरण की प्रक्रिया सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ लागू हो। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि फिलहाल बिहार सहित 12 राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, जिसमें प्रशासन द्वारा सूची तैयार करने के बाद दावा (क्लेम), आपत्ति और अपील के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए जाते हैं। एक महीने तक निरीक्षण और अपील का विकल्प भी खुला रहता है।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदाता का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है और इसी संवैधानिक प्रावधान के तहत मतदाता शुद्धिकरण का यह अभियान देशभर में तेज किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने अंत में कहा कि शुद्ध मतदाता सूची के साथ ही देश लोकतंत्र के अगले पर्व—चुनाव—को पूरी मजबूती और विश्वास के साथ मनाएगा। उनका संदेश साफ है—वोटर लिस्ट में गड़बड़ी नहीं, लोकतंत्र में समझौता नहीं। गौरतलब है कि ज्ञानेश कुमार ने रविवार को बाबा मंदिर में पूरे विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की और देश की समृद्धि और लोकतंत्र की मजबूती की मंगलकामना की।
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देवघर में मीडिया से बातचीत के दौरान ज्ञानेश कुमार ने झारखंड के राज्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त और जिला प्रशासन की खुले तौर पर सराहना की। उन्होंने कहा कि पारदर्शी चुनाव और मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर यहां कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने दो टूक कहा कि मतदाता सूची में किसी भी गैर-नागरिक का नाम होना संविधान के खिलाफ है। इसी को ध्यान में रखते हुए देश के 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की शुरुआत की गई है, जिसे आने वाले समय में पूरे देश में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना है।
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उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी बीएलओ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि मतदाता सूची शुद्धिकरण की प्रक्रिया सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ लागू हो। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि फिलहाल बिहार सहित 12 राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, जिसमें प्रशासन द्वारा सूची तैयार करने के बाद दावा (क्लेम), आपत्ति और अपील के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए जाते हैं। एक महीने तक निरीक्षण और अपील का विकल्प भी खुला रहता है।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदाता का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है और इसी संवैधानिक प्रावधान के तहत मतदाता शुद्धिकरण का यह अभियान देशभर में तेज किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने अंत में कहा कि शुद्ध मतदाता सूची के साथ ही देश लोकतंत्र के अगले पर्व—चुनाव—को पूरी मजबूती और विश्वास के साथ मनाएगा। उनका संदेश साफ है—वोटर लिस्ट में गड़बड़ी नहीं, लोकतंत्र में समझौता नहीं। गौरतलब है कि ज्ञानेश कुमार ने रविवार को बाबा मंदिर में पूरे विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की और देश की समृद्धि और लोकतंत्र की मजबूती की मंगलकामना की।