Jharkhand: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता, झामुमो ने बताया 'फ्लॉप शो'
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि मौजूदा सरकार महिला, आदिवासी और दलित विरोधी है। पिछले 34 महीनों में राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध कई गुना बढ़ गया है। बेरोजगारी अपने चरम पर है। सोमवार से शुरू हुई भाजपा की 'आक्रोश' रैली 25 नवंबर तक चलेगी।
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भाजपा की झारखंड इकाई ने राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के खिलाफ सोमवार को रांची से अपनी राज्यव्यापी ‘आक्रोश’ रैली की शुरुआत की। सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता शहर के मोराबादी मैदान में एकत्र हुए और बाद में उन्होंने ‘‘हेमंत हटाओ, झारखंड बचाओ’’ का नारे लगाते हुए जिला कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया।
आंदोलन का नेतृत्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने किया। उनके साथ रांची के सांसद संजय सेठ, विधायक सीपी सिंह, राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू, हटिया से विधायक नवीन जायसवाल और रांची के उप महापौर संजीव विजयवर्गीय भी शामिल थे। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रकाश ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ गठबंधन- झामुमो, कांग्रेस और राजद ‘अली बाबा चालीस चोर’ की एक टीम है। सोरेन के शासन में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। बालू, पत्थर, कोयला और लोहे सहित अन्य खदानों और खनिजों की लूट हो रही है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार महिला, आदिवासी और दलित विरोधी है। पिछले 34 महीनों में राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध कई गुना बढ़ गया है। बेरोजगारी अपने चरम पर है। सोमवार से शुरू हुई भाजपा की 'आक्रोश' रैली 25 नवंबर तक चलेगी। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार की भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 25 नवंबर तक प्रदेश के सभी 24 जिलों के मुख्यालयों पर इस तरह का प्रदर्शन किया जाएगा।
गौरतलब है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित अवैध खनन मामले की जांच के संबंध में 17 नवंबर को साढ़े नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। वहीं, झामुमो महासचिव और पार्टी प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा की रैली को ''फ्लॉप शो'' करार दिया। उन्होंने कहा कि रैली को जनता का समर्थन नहीं मिला। रैली मोराबादी मैदान से शुरू हुई, लेकिन जब यह जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, तो भीड़ आधे से भी कम हो गई। यह भाजपा की हताशा रैली थी।
दूसरी तरफ झारखंड कांग्रेस ने भाजपा की आक्रोश रैली को 'नाटक' करार दिया। कांग्रेस के प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा झारखंड में अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। अपनी उपस्थिति दिखाने के लिए वे सड़क पर नाटक कर रहे हैं। झारखंड में भाजपा के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है।