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यशवंत सिन्हा की मूडीज रेटिंग पर जेटली को सीख: आलोचना पर निंदा और तारीफ पर खुशी, स्थिर रहें
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Sat, 18 Nov 2017 05:56 PM IST
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यशवंत सिन्हा
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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भाजपा के वरिष्ठ नेता और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधने से नहीं चूकते। सिन्हा सरकार के नोटबंदी और जीएसटी जैसे कदमों की आलोचना करते रहे हैं।
इस बीच शुक्रवार को देशों को क्रेडिट रेटिंग देने वाली अमेरिकी संस्था मूडीज ने भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार करते हुए 'बीएए2' कर दिया। इसके बाद यशवंत सिन्हा और अरुण जेटली के बीच जुबानी जंग एक बार फिर छिड़ गई।
दरअसल मूडीज ने 13 सालों के बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है इससे पहले वर्ष 2004 में संस्था ने भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार करते हुए उसे ‘बीएए3’ किया था। अरूण जेटली ने जाहिर तौर पर खुशी जताते हुए इसे केंद्र सरकार के फैसलों पर मुहर बताया। वित्त मंत्री ने कहा, वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसले की मदद से भारतीय अर्थव्यवस्था को अधिक डिजिटल बनाने में मदद की, जिसे हमें आज दुनियाभर में मान्यता मिल रही है। मूडीज रैंकिंग से एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता स्वीकार हुई है।"
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अरूण जेटली ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा था, "ऐसे कई लोग जिनके मन में भारत के आर्थिक सुधार प्रक्रिया पर शक था अब उन्हें अब अपने रुख पर गंभीरता से चिंतन करना होगा।" जेटली इस टिप्पणी में शायद भूतपूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा की तरफ इशारा कर रहे थे, जो केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हैं और इन्हें देश के लिए नुकसानदेह बताते रहे हैं।
जेटली के बयान के जवाब में यशवंत सिन्हा ने मूडीज की रेटिंग से असंतोष जताते हुए सरकार की खुशी पर जोरदार कटाक्ष किया। सिन्हा ने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा, "हमें संसद के सेंट्रल हॉल में एक मिडनाइट सेरिमनी का आयोजन कर मूडीज की रेटिंग अपग्रेड पर खुशी मनानी चाहिए और स्टैंडर्ड एंड पुअर्स की निंदा करनी चाहिए।"
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने मिडनाइट सेरेमनी (रात के बारह बजे उत्सव) मनाते हुए संसद के सेंट्रल हॉल में जीएसटी लागू करने की आधिकारिक घोषणा की थी। 'मिडनाइट सेरेमनी' से सिन्हा का इशारा शायद इसी ओर था।
दूसरी तरफ यशवंत सिन्हा ने 'स्टैंडर्ड और पुअर्स' का जिक्र इसलिए किया क्योंकि 'स्टैंडर्ड और पुअर्स' भी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी है और उसने भारत को एक दशक से निवेश के मामले में सबसे निचली श्रेणी में रखा है।
यशवंत सिन्हा ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और आगे लिखा कि, "दिक्कत यह है कि जब बाहरी एजेंसियां हमारी तारीफ करती हैं, तो हम खुश होते हैं और जब हमारी आलोचना होती है तो हम उनकी निंदा करते हैं। हमें स्थिर रहना चाहिए।
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इस बीच शुक्रवार को देशों को क्रेडिट रेटिंग देने वाली अमेरिकी संस्था मूडीज ने भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार करते हुए 'बीएए2' कर दिया। इसके बाद यशवंत सिन्हा और अरुण जेटली के बीच जुबानी जंग एक बार फिर छिड़ गई।
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दरअसल मूडीज ने 13 सालों के बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है इससे पहले वर्ष 2004 में संस्था ने भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार करते हुए उसे ‘बीएए3’ किया था। अरूण जेटली ने जाहिर तौर पर खुशी जताते हुए इसे केंद्र सरकार के फैसलों पर मुहर बताया। वित्त मंत्री ने कहा, वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसले की मदद से भारतीय अर्थव्यवस्था को अधिक डिजिटल बनाने में मदद की, जिसे हमें आज दुनियाभर में मान्यता मिल रही है। मूडीज रैंकिंग से एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता स्वीकार हुई है।"
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अरूण जेटली ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा था, "ऐसे कई लोग जिनके मन में भारत के आर्थिक सुधार प्रक्रिया पर शक था अब उन्हें अब अपने रुख पर गंभीरता से चिंतन करना होगा।" जेटली इस टिप्पणी में शायद भूतपूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा की तरफ इशारा कर रहे थे, जो केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हैं और इन्हें देश के लिए नुकसानदेह बताते रहे हैं।
जेटली के बयान के जवाब में यशवंत सिन्हा ने मूडीज की रेटिंग से असंतोष जताते हुए सरकार की खुशी पर जोरदार कटाक्ष किया। सिन्हा ने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा, "हमें संसद के सेंट्रल हॉल में एक मिडनाइट सेरिमनी का आयोजन कर मूडीज की रेटिंग अपग्रेड पर खुशी मनानी चाहिए और स्टैंडर्ड एंड पुअर्स की निंदा करनी चाहिए।"
We should celebrate Moody's upgrade by holding a midnight ceremony in Central Hall of Parliament and damn Standard and Poor.
— Yashwant Sinha (@YashwantSinha) November 17, 2017
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने मिडनाइट सेरेमनी (रात के बारह बजे उत्सव) मनाते हुए संसद के सेंट्रल हॉल में जीएसटी लागू करने की आधिकारिक घोषणा की थी। 'मिडनाइट सेरेमनी' से सिन्हा का इशारा शायद इसी ओर था।
दूसरी तरफ यशवंत सिन्हा ने 'स्टैंडर्ड और पुअर्स' का जिक्र इसलिए किया क्योंकि 'स्टैंडर्ड और पुअर्स' भी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी है और उसने भारत को एक दशक से निवेश के मामले में सबसे निचली श्रेणी में रखा है।
यशवंत सिन्हा ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और आगे लिखा कि, "दिक्कत यह है कि जब बाहरी एजेंसियां हमारी तारीफ करती हैं, तो हम खुश होते हैं और जब हमारी आलोचना होती है तो हम उनकी निंदा करते हैं। हमें स्थिर रहना चाहिए।
Problem is we celebrate when external agencies praise us and condemn and reject them when they criticise us. Let us be consistent.
— Yashwant Sinha (@YashwantSinha) November 17, 2017