झारखंड: दिवाली-धनतेरस पर ऑनलाइन खरीदारी में सावधान! 80 से 90 प्रतिशत छूट का लालच देकर ठगी कर रहे साइबर अपराधी
दिवाली और धनतेरस पर साइबर ठग फर्जी वेबसाइट, 80 से 90 प्रतिशत छूट, लकी ड्रॉ और उपहार का लालच देकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। साइबर थाना प्रभारी ने सतर्क रहने और ठगी पर 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी।
विस्तार
दिवाली और धनतेरस के त्योहार पर ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों को साइबर ठग निशाना बना रहे हैं। साइबर अपराधी नामी कंपनियों और प्रसिद्ध ब्रांडों से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट बनाकर इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े और घरेलू सामान पर 80 से 90 प्रतिशत तक छूट का लालच दे रहे हैं। आकर्षक ऑफर के झांसे में आकर बिना जांच-पड़ताल खरीदारी करने वाले लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं।
फर्जी वेबसाइट बनाकर ग्राहकों को फंसा रहे ठग
साइबर ठग नामी कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट से मिलते-जुलते नाम और डिजाइन का इस्तेमाल कर फर्जी वेबसाइट तैयार करते हैं। इन वेबसाइटों पर असली कंपनियों के लोगो, उत्पादों की तस्वीरें और आकर्षक ऑफर दिखाए जाते हैं। इससे ग्राहक पहली नजर में वेबसाइट को असली समझ लेते हैं। ठग सीमित समय में ऑफर समाप्त होने का दबाव बनाकर ग्राहकों को तुरंत खरीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। भुगतान करने के बाद कई ग्राहकों को सामान नहीं मिलता। वहीं, कुछ मामलों में इन वेबसाइटों के जरिए ग्राहकों की व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारियां भी चुरा ली जाती हैं।
लकी ड्रॉ और उपहार का झांसा देकर ठगी
त्योहारी मौसम में साइबर अपराधी लकी ड्रॉ और विशेष उपहार देने का लालच देकर भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसके लिए मोबाइल पर संदेश और संदिग्ध लिंक भेजे जाते हैं। लिंक पर क्लिक करने के बाद लोगों से नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाते और क्रेडिट या डेबिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारियां मांगी जाती हैं। इसके बाद फर्जी भुगतान पेज के जरिए ओटीपी हासिल कर बैंक खाते से रुपये निकाल लिए जाते हैं।
साइबर पुलिस ने जारी की सुरक्षा सलाह
साइबर थाना प्रभारी नीरज कुमार ने ऑनलाइन खरीदारी करने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी वेबसाइट से खरीदारी करने से पहले उसके यूआरएल की जांच जरूर करें। असामान्य और अत्यधिक छूट देने वाले विज्ञापनों से सावधान रहें। हमेशा कंपनी की अधिकृत वेबसाइट या विश्वसनीय मोबाइल एप से ही खरीदारी करें।
उन्होंने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित को तुरंत अपने संबंधित बैंक से संपर्क कर खाते या कार्ड को सुरक्षित कराना चाहिए। इसके साथ ही साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद मिल सके।