{"_id":"63d12fa12bb27466452a675f","slug":"asha-workers-indefinite-strike-enters-3rd-day-in-jharkhand-2023-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand: लगातार तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर आशा कार्यकर्ता, जानिए क्या है मांग?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jharkhand: लगातार तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर आशा कार्यकर्ता, जानिए क्या है मांग?
Wed, 25 Jan 2023 07:03 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, रांची
पीटीआई, रांची
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 25 Jan 2023 07:03 PM IST
सार
झारखंड में 'आशा' कार्यकर्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गई क्योंकि वे अपने पारिश्रमिक में वृद्धि सहित अपनी मांगों के चार्टर पर अड़ी रहीं।
विज्ञापन
कार्यक्रम स्थल पर आशा कार्यकर्ता व अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
झारखंड में 'आशा' कार्यकर्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गई क्योंकि वे अपने पारिश्रमिक में वृद्धि सहित अपनी मांगों के चार्टर पर अड़ी रहीं। एक अधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण, प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर जांच जैसी स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, क्योंकि 42,000 से अधिक मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) आंदोलन में शामिल हुए हैं।
विज्ञापन
सहिया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय को लामबंद करने और स्वास्थ्य और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद करते हैं, ने उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी। 'आशा' कार्यकर्ता राज्य के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रदर्शन कर रही हैं और ब्लॉक स्तर पर रैलियों में भाग ले रही हैं।
विज्ञापन
झारखंड प्रदेश स्वास्थ्य सहिया संघ (जेपीएसएसएस) की सचिव माया सिंह ने कहा, "अगर हमारी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया तो हमारे पास आंदोलन को तेज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।" उन्होंने कहा कि एसोसिएशन सेवाओं के नियमितीकरण के साथ-साथ ईपीएफ और पेंशन के लाभ के अलावा पारिश्रमिक को कम से कम 18,000 रुपये प्रति माह करने की मांग कर रहा है। इस बीच, अपनी नौकरी नियमित करने की मांग को लेकर 17 जनवरी से धरने पर बैठे राज्य सरकार के संविदा कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है।
विज्ञापन