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Jharkhand: पूर्वी सिंहभूम में नदियों के उफान के बाद अलर्ट जारी, प्रशासन ने किया सर्तक, दी यह सलाह
Fri, 18 Aug 2023 08:11 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, जमशेदपुर।
पीटीआई, जमशेदपुर।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 18 Aug 2023 08:11 PM IST
सार
अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित इलाकों में रहने को कहा है। उनसे नदी किनारे न जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
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स्वर्णरेखा नदी (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार बारिश के कारण खरखई और स्वर्णरेखा नदी में जल स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने शुक्रवार को जलग्रहण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।
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अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित इलाकों में रहने को कहा है। उनसे नदी किनारे न जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर बचाव अभियान चलाने के लिए एनडीआरएफ की एक टीम पहले से ही शहर में मौजूद है। ओडिशा के मयूरभंज जिले में बांकाबल और खरखई बांधों के एक-एक गेट खोले जाने और पड़ोसी सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल बांध से 500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति बिगड़ गई है।
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खरखाई नदी अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि स्वर्णरेखा नदी का पानी लाल निशान के करीब पहुंच रहा है। बयान में कहा गया है कि दोनों नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। खरखाई नदी लाल निशान 129 मीटर के मुकाबले 129.46 मीटर पर बह रही है, जबकि स्वर्णरेखा का वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान 121.50 मीटर के मुकाबले 119.2 मीटर पर पहुंच गया है।
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धालभूम के उपमंडल अधिकारी पीयूष सिन्हा ने बताया, 'हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है तो जलग्रहण क्षेत्र के लोगों को वहां से हटा दिया जाएगा।