हेमंत सोरेन चुने गए झामुमो विधायक दल के नेता, सरकार बनाने का दावा पेश किया
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झारखंड मुक्ति मोर्चा के नवनिर्वाचित विधायकों ने सर्वसम्मति से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को मंगलवार को विधायक दल का नेता चुन लिया। झामुमो के अध्यक्ष शिबू सोरेन के घर पर आज नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में हेमंत सोरेन को सभी 28 विधायकों ने सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना।
इसके बाद हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन के नेता और विधायक राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने पहुंचे और सरकार बनाने का दावा पेश किया। हेमंत सोरेन ने कहा कि 29 दिसंबर को दोपहर एक बजे शपथ ग्रहण होगा। उधर, झारखंड कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह ने भी विधायकों की बैठक बुलाई है। इसके बाद कांग्रेस, झामुमो और राजद एक संयुक्त बैठक करेंगे।
जेवीएम देगी समर्थन
वहीं, बाबूलाल मरांडी की झारखंड विकास मोर्चा ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठित होने वाली गठबंधन सरकार को बिना शर्त बाहर से समर्थन देने की घोषणा की।
Ranchi: Jharkhand Mukti Morcha's (JMM) Hemant Soren meets former CM and Jharkhand Vikas Morcha chief, Babulal Marandi. Babulal Marandi says, "Our party will support Hemant Soren, unconditionally, because he has the required majority'. pic.twitter.com/LXYLK905w2
— ANI (@ANI) December 24, 2019
दिल्ली आ सकते हैं हेमंत
हेमंत सोरेन और कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह सरकार बनाने का दावा पेश करने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात करने नई दिल्ली आ सकते हैं। झारखंड विधानसभा चुनाव पूर्व किए गए झामुमो, कांग्रेस और राजद के महागठबंधन ने चुनावी नतीजों में बड़ी जीत हासिल की है। 81 सदस्यीय विधानसभा में जहां महागठबंधन ने बहुमत से ज्यादा 47 सीटें जीतीं तो वहीं सत्तारूढ़ भाजपा को सिर्फ 25 सीटों से ही संतोष करना पड़ा।
रघुवर दास भी नहीं बचा पाए अपनी सीट
इस बीच महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हेमंत सोरेन पिता शिबू सोरेन से मिलने पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। 15 नवंबर, 2000 को बिहार से अलग होकर नया राज्य बनने के बाद झारखंड में 19 साल में पांचवीं बार सोरेन परिवार को सत्ता मिलने जा रही है। हेमंत के पिता तीन बार राज्य के सीएम रहे तो वहीं, हेमंत दूसरी बार सीएम पद संभालेंगे।
पिता के समर्पण और परिश्रम का नतीजा: हेमंत सोरेन
महागठबंधन के सीएम पद के उम्मीदवार हेमंत सोरेन ने कहा कि यह परिणाम पिता शिबू सोरेन के समर्पण और परिश्रम का नतीजा हैं। आज जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के संकल्प का दिन है। अब राज्य के लिए एक नया अध्याय शुरू होगा। ये मील का पत्थर साबित होगा। उम्मीदें नहीं टूटेंगी। नौजवान, किसान, महिला, व्यापारी, बूढ़े-बच्चे, मजदूरों सभी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
24 साल बाद रघुवर हारे, भाजपा के बागी उम्मीदवार सरयू राय ने हराया
जमशेदपुर पूर्व सीट पर रघुवर दास को भाजपा के बागी उम्मीदवार और रघुवर मंत्रिमंडल में खाद्य आपूर्ति एवं संसदीय कार्य मंत्री रहे सरयू राय ने ही हरा दिया। रघुवर 24 साल से यहां जीतते आए थे। वहीं, दुमका में हेमंत सोरेन ने रघुवर सरकार की मंत्री डॉ लुईस मरांडी को पछाड़ दिया है, तो कोडरमा में राजद के अमिताभ कुमार ने शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव को हराया। श्रम मंत्री राज पलिवार मधुपुर विधानसभा सीट पर झामुमो के हाजी हुसैन अंसारी से हार गए, वहीं जल संसाधन मंत्री राम चंद्र सहिस तो दौड़ से ही बाहर हो गए।
भाजपा का सात माह में 18 फीसदी घटा वोट शेयर
मई 2019 में लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 51 फीसदी वोट हासिल कर झारखंड के 54 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई थी। भाजपा ने राज्य की 14 में से 11 लोकसभा सीटें भी जीती थीं। आजसू भी उसके साथ थी, जिसे एक सीट मिली थी। हालांकि, पिछड़े और दलितों के बीच आधार रखने वाली सहयोगी पार्टी आजसू उससे छिटक गई। उसे चुनाव में 8 फीसदी वोट मिले। नतीजतन भाजपा का वोट शेयर भी घटकर करीब 33 फीसदी पर रह गया।