विज्ञापन

नक्सली बता हिरासत में हत्या करने वाले 4 पुलिस अधिकारियों को 5 साल कैद की सजा, जुर्माना भी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Updated Thu, 15 Feb 2018 06:17 PM IST
4 police officers sentenced to 5 years jail in custodial death case of 1998 in palamu jharkhand
विज्ञापन
ख़बर सुनें
झारखंड में पलामू जिले में एक शख्स की हिरासत में मौत मामले में चार पुलिस अधिकारियों को पांच साल कैद और एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई है। सीबीआई की विशेष अदालत के जज जस्टिस एके मिश्रा ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। साल 1998 में पनकी पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। 
विज्ञापन
आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 और धारा 34 समेत विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वकील राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने पारसनाथ को नक्सली घोषित कर हिरासत में उसकी हत्या कर दी। 

दोषी अधिकारियों में तत्कालीन डीएसपी (मुख्यालय) डीएन रजक, डालटनगंज के तत्कालीन इंस्पेक्टर देवीलाल प्रसाद, पनकी के तत्कालीन अधिकारी सुरिंदर प्रसाद और घटना के वक्त एसपी कार्यालय में तैनात तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर रुख्सार अहमद शामिल हैं। मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक आरोपी अधिकारी की मौत हो गई।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Jharkhand

ईडी ने झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का की 100 करोड़ की संपत्ति जब्त की

झारखंड पार्टी (झापा) के नेता और पूर्व मंत्री एनोस एक्का की करीब 100 रुपये की कीमत की 64 संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब्त कर लिया है। ये सभी संपत्तियां पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के राजगंज प्रखंड में हैं।

15 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

सुमित्रा महाजन का सवाल, क्या आरक्षण से होगा देश का उद्धार?

रांची में आयोजित लोकमंथन कार्यक्रम के समापन समारोह में शामिल होने आईं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आरक्षण के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। सुमित्रा महाजन ने कहा कि डॉ. भीमराव अांबेडकर ने आरक्षण को सिर्फ 10 साल के लिए लागू करने की बात कही थी।

1 अक्टूबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree