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झारखंड: मुख्यमंत्री सोरेन के दखल के बाद आंध्र प्रदेश से बचाए गए राज्य के 16 प्रवासी मजदूर
Thu, 02 Dec 2021 06:50 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 02 Dec 2021 06:50 PM IST
सार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दखल दिए जाने के बाद आंध्र प्रदेश के द्वीप पर बंधक बनाकर रखे गए झारखंड ने कम से कम 15 मजदूरों को आजाद करवा लिया गया है। इन मजदूरों को राज्य वापस लाया जा रहा है।
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
आंध्र प्रदेश में एक द्वीप पर मछली पालन के लिए कथित तौर पर बंधक बनाकर रखे गए झारखंड के 16 प्रवासी मजदूरों को बचा लिया गया है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई। इसके अनुसार 15 नवंबर को द्वीप पर पहुंचाए गए मजदूरों को एक ठेकेदार दिन में 22 घंटे काम करने के लिए मजबूर कर रहा था और काम करने से मना करने पर प्रताड़ित भी करता था।
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विज्ञप्ति के अनुसार, 'आंध्र प्रदेश के आइस द्वीप पर बंधक बनाकर रखे गए चाईबासा के 16 मजदूरों को राज्य सरकार के प्रयासों के चलते बचा लिया गया है। सभी मजदूरों को झारखंड वापस लाया जा रहा है।' झारखंड सरकार की ओर से जारी किए गए एक वीडियो में एक मजदूर कहता नजर आ रहा है, 'हम 15 नवंबर को विजयवाड़ा पहुंचे थे। यहां से हमें मल्लेश्वरम में एक निर्जन द्वीप पर ले जाया गया था।'
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इस वीडियो में मजदूर आगे कहता है, 'यहां पर हमें बंधक बना लिया गया... हमसे आठ घंटे काम का वादा किया गया था लेकिन हमें दिन में 22 घंटे काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था और प्रताड़ित किया जा रहा था। न हमें ठीक से खाना मिलता था न पानी।' झारखंड सरकार के अनुसार ठेकेदार ने मजदूरों को उचित काम देने की बात कही थी लेकिन बाद में उनसे मछली पालन का काम करवा रहा था।
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