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पार्क में सुविधाओं का अभाव
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
Updated Fri, 02 Jan 2015 01:39 AM IST
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शहर के कई पार्कों में अब बच्चे खेलने के लिए नहीं जाते। इसकी वजह उनकी खस्ताहालत है। लंबे समय से देखरेख के अभाव में पार्कों की हालत बेहद खराब हो गई है। कई पार्कों में झूले टूट गए हैं।
ऐसे खस्ताहाल पार्कों में बच्चों के साथ ही घूमने आने वाले भी अब बहुत कम ही नजर आते हैं। शहर में शहीद भगत सिंह पार्क, ड्रीम लैंड पार्क, जनाना पार्क, लोेक निर्माण विभाग कालोनी का पार्क, रावी तवी सिंचाई विभाग पार्क हैं।
इनमें केवल ड्रीम लैंड पार्क और जनाना पार्क की हालत ही सही है। अन्य तीनों पार्क बदहाली का रोना रो रहे हैं। शहीद भगत सिंह पार्क में बैठने के लिए आधा दर्जन कुर्सियां हैं, लेकिन धूल के कारण वहां पर कोई बैठता नहीं है।
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ऐसा ही हाल रावी तवी वाले पार्क है। टूटे हुए झूले और न बैठने की जगह। इसके साथ ही रात में बिजली का भी कोई प्रबंध नहीं है। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों के परिजनों को दिक्कतें हो रही हैं।
लोक निर्माण विभाग कालोनी के पार्क ही हालत भी कुछ ऐसी ही है। इसके अलावा लखनपुर में भी विशेष तौर से बच्चों के लिए पार्क बनाया गया था। वह भी अपनी बदहाली का रोना रो रहा है।
लेकिन विभाग की ओर से पार्क को सही और साफ रखने के प्रयास होते नहीं दिख रहे। वहीं फ्लोरीकल्चर विभाग के अधिकारी सुनील सिंह ने कहा कि पार्कों की मरम्मत के विभाग के पास वर्तमान में पैसा नहीं है।
इसके लिए सरकार को लिखित में कहा गया है। जैसे ही पैसा आएगा मरम्मत कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। पहले चरण में शहीद भगत सिंह पार्क और ड्रीम लैंड पार्क को रखा गया है।
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ऐसे खस्ताहाल पार्कों में बच्चों के साथ ही घूमने आने वाले भी अब बहुत कम ही नजर आते हैं। शहर में शहीद भगत सिंह पार्क, ड्रीम लैंड पार्क, जनाना पार्क, लोेक निर्माण विभाग कालोनी का पार्क, रावी तवी सिंचाई विभाग पार्क हैं।
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इनमें केवल ड्रीम लैंड पार्क और जनाना पार्क की हालत ही सही है। अन्य तीनों पार्क बदहाली का रोना रो रहे हैं। शहीद भगत सिंह पार्क में बैठने के लिए आधा दर्जन कुर्सियां हैं, लेकिन धूल के कारण वहां पर कोई बैठता नहीं है।
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ऐसा ही हाल रावी तवी वाले पार्क है। टूटे हुए झूले और न बैठने की जगह। इसके साथ ही रात में बिजली का भी कोई प्रबंध नहीं है। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों के परिजनों को दिक्कतें हो रही हैं।
लोक निर्माण विभाग कालोनी के पार्क ही हालत भी कुछ ऐसी ही है। इसके अलावा लखनपुर में भी विशेष तौर से बच्चों के लिए पार्क बनाया गया था। वह भी अपनी बदहाली का रोना रो रहा है।
लेकिन विभाग की ओर से पार्क को सही और साफ रखने के प्रयास होते नहीं दिख रहे। वहीं फ्लोरीकल्चर विभाग के अधिकारी सुनील सिंह ने कहा कि पार्कों की मरम्मत के विभाग के पास वर्तमान में पैसा नहीं है।
इसके लिए सरकार को लिखित में कहा गया है। जैसे ही पैसा आएगा मरम्मत कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। पहले चरण में शहीद भगत सिंह पार्क और ड्रीम लैंड पार्क को रखा गया है।